फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

थरबोंलाइज योजना को लेकर विभाग अब लोगों को करेगा जागरुक

विज्ञापन
विज्ञापन
विनोद राणा
विज्ञापन

पालमपुर (कांगड़ा)। अधरंग का अटैक आने पर मरीज को क्या करना है, इसे लेकर विभाग हरकत में आया है। विभाग अब जल्द ही अधरंग के अटैक को लेकर लोगों को जागरूक करेगा। इसके लिए विभाग जल्द विभागीय उच्च अधिकारियों को पत्र लिखने जा रहा है। थरबोंलाइज से अधरंग का इलाज अस्पताल में चार घंटे के अंदर ही हो सकता है, लेकिन सरकार की ओर से चलाई गई इस योजना का लोगों को अभी तक खास पता ही नहीं है।
अमर उजाला समाचार पत्र में 23 नवंबर को अधरंग का अटैक आने पर क्या करें मरीज, सरकार की थरबोंलाइज योजना को लोगों तक पहुंचाने में नाकाम रहा विभाग खबर को प्रमुखता से छापा था। अब खबर का संज्ञान लेते ही विभाग हरकत में आया है। इससे आने वाले दिनों में अधरंग के अटैक को लेकर क्या करना है, इस संबंध में विभाग लोगों को जागरूक कर सकता है।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार ने अधरंग के अटैक आने पर थरबोंलाइज योजना(एक विशेष टीका) चलाई है। इसके तहत मरीज को किसी सीटी स्कैन वाले अस्पताल में चार घंटे के भीतर पहुंचा दिया जाए तो अधरंग के मरीज का इस टीके से इलाज संभव है। बशर्ते, ब्रेन हेमरेज न हुआ हो, लेकिन अभी तक इस योजना का लोगों को पता ही नहीं है कि अधरंग का इलाज अस्पताल में संभव है, लेकिन इसकी जागरूकता न होने के कारण लोग अस्पताल में चार घंटे से लेट पहुंचते या अन्य देशी इलाज के चक्कर में पड़ जाते हैं। इससे मरीज मौत के मुहं में भी चले जाते हैं। योजना को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग ब्लॉक स्तर पर कार्यशाला लगा सकता है। इससे लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा।
इनसेट.....
विभाग को जल्द लिखेंगे पत्र : एमएस
सिविल अस्पताल के एमएस डॉ. विनय महाजन ने कहा कि वे थरबोंलाइज योजना को लेकर जल्द विभाग को पत्र लिखेंगे, ताकि इस योजना को लेकर कार्यशाला आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जा सके। इससे लोगों को इस योजना का पता बड़े पैमाने में लग सकता है। हालांकि, योजना के तहत पालमपुर सिविल अस्पताल में 18 मरीजों का सफल इलाज किया जा चुका है।
विज्ञापन

इनसेट....
मुफ्त लगाया जाता है टीका
सिर में नस ब्लॉक होने से अधरंग का अटैक आने पर थरबोंलाइज(विशेष टीके) से इसका इलाज किया जाता है। निजी मार्केट में इस टीके की कीमत करीब 75 से एक लाख रुपये तक है। लेकिन, सरकारी योजना के तहत अस्पतालों में यह टीका मुफ्त लगाया जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें