धर्मशाला। प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अपना परिवार सुखी परिवार योजना शुरू करने जा रही है। शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया और इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन ने बताया कि इस योजना का शुभारंभ दो अक्तूबर (गांधी जयंती) से किया जाएगा। प्रदेश भर के करीब 1.80 लाख परिवारों को सीधा लाभ पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सरकार के ''सरकार गांव के द्वार'' और जनसुनवाई कार्यक्रमों के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि कई बेहद गरीब और पात्र परिवार तकनीकी कारणों से बीपीएल सूची में शामिल होने से वंचित रह गए हैं। ऐसे वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान के लिए सरकार ने एक वर्ष के भीतर आठ चरणों में सघन सर्वेक्षण करवाया।
19 लाख में से 1.80 लाख परिवारों की बनी अंतिम सूची
सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के लगभग 19 लाख परिवारों में से 1.80 लाख परिवारों को विशेष सरकारी मदद और प्राथमिकता की श्रेणी में चिह्नित किया गया है। उपायुक्तों की निगरानी में इन परिवारों की सूची तैयार कर अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई है। अगले दो वर्षों के भीतर एक सुदृढ़ तंत्र विकसित कर इन परिवारों का आर्थिक और सामाजिक उत्थान सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को दो माह में प्रत्येक चयनित परिवार की मूलभूत आवश्यकताओं का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
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बीपीएल लाभ में नहीं होगी कोई कटौती
विधायकों ने बताया कि चयनित 1.80 लाख परिवारों में से आधे से अधिक परिवार पहले से ही बीपीएल सूची में शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई योजना के लागू होने से बीपीएल परिवारों को पहले से मिल रही किसी भी सरकारी सुविधा या लाभ में कोई कटौती नहीं की जाएगी।