चुनाव के बाद हर परिवार को तीन छोटे कूड़ादान देगी कांगड़ा नप
नगर परिषद अध्यक्ष अशोक शर्मा की अध्यक्षता में सफाई कर्मचारियों की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
कांगड़ा। नगर परिषद कांगड़ा शहर को स्वच्छ बनाने के लिए घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना लागू करने के बाद अब लोगों को कूड़ादान वितरित करेगी। लोकसभा चुनाव के बाद कांगड़ा शहर के हर परिवार को तीन-तीन कूड़ादान देने का फैसला लिया है।
बुधवार को नगर परिषद अध्यक्ष अशोक शर्मा की अध्यक्षता में सफाई कर्मचारियों की बैठक हुई। जिसमें नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी कंचन बाला ने कर्मचारियों को गीले और सूखे कचरे के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि डोर टू डोर सफाई अभियान के तहत सभी नौ वार्डों के लोगों को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग कर देना होगा। इसके लिए लोस चुनावों के बाद प्रत्येक घर के लिए नीला, हरा और लाल रंग का कूड़ादान वितरित किया जाएगा। हरे डस्टबिन में गीला, जिसमें सब्जी, फलों के छिलके और रसोई का कचरा डाला जाएगा। इससे नगर परिषद खाद तैयार करेगी। वहीं, नीले कूड़ादान में सूखा कचरा डाला जाएगा। जिसमें दूध, दही की थैली, कांच की बोतल, डिब्बे आदि डालने होंगे। इस कचरे से टाइल बनाई जाएगी, जबकि लाल कूड़ादान में सेनेटरी पैक, बच्चों के डायपर आदि डाले जाएंगे। उधर, नगर परिषद ने इस कड़ी में गुप्तगंगा मार्ग पर रखे कूड़ादान को हटा दिया है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी बचे हुए कूड़े को नालियों में न फैंकेे और न ही कचरे को जलाएं। इसके साथ ही सफाई कर्मी भी इस मुहिम में नप को पूरा सहयोग दें। इस मौके पर नगर परिषद के उपाध्यक्ष श्याम नारायण, मनोनीत पार्षद रमेश महेशी, सुरेश छेछा, सेनेटरी इंस्पेक्टर रमाकांत शर्मा मौजूद रहे।
50 से लेकर 1500 रुपये मासिक शुल्क तय
डोर टू डोर कचरा उठाने के लिए नगर परिषद ने मासिक शुल्क तय किया है। मकान मालिक और किरायेदार से 50, ढाबा मालिकों से 300, कन्फेक्शनरी, रेहड़ी-फड़ी वाले से 50, चाय काफी की दुकान से 100, कपड़ा, किरयाना और रोजमर्रा का सामान बेचने वालों से 100, थोक विक्रेताओं से 200, फल सब्जी और हलवाई की दुकान से 200, दो कमरों के कार्यालय से 200, छह से 10 कमरों के कार्यालय से 500, 11 से 20 कमरों के कार्यालय से 1000, 20 से अधिक कमरों के कार्यालय से 1500, बैंकों से 300, सरकारी पाठशालाओं से 100, निजी पाठशालाओं से 500 रुपये प्रति माह लिए जाएंगे।