डमटाल/इंदौरा (कांगड़ा)। ठाकुर राम गोपाल मंदिर डमटाल के लगभग 60 लाख रुपये के टेंडर रद्द हो गए हैं। डीसी कांगड़ा एवं राम गोपाल मंदिर के आयुक्त ने टेंडर रद्द करने के आदेश जारी किए हैं। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था।
27 जुलाई को ‘ब्लैकलिस्ट ठेकेदारों को दे दिए लाखों के टेंडर’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर उपायुक्त ने कड़ा संज्ञान लिया है। उपायुक्त ने विभिन्न कार्यों के चार टेंडर रद्द किए हैं। इसमें ठाकुर राम गोपाल मंदिर की नंदीशाला के 25-25 लाख रुपये के दो, मंदिर गेट और बद्रीनाथ मंदिर के रंगरोगन के एक-एक टेंडर रद्द करने के निर्देश जारी किए हैं। खबर छपते ही प्रशासन हरकत में आया गया था। डीसी ने इस संबंधी उचित जांच के आदेश जारी किए थे। इस पर विभागीय जांच बिठाई गई थी। इसके बाद उपायुक्त ने टेंडर रद्द करने के निर्देश दिए।
12 जुलाई को आवंटित हुए थे टेंडर
ठाकुर राम गोपाल मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर की गोशाला और नंदीशाला के लिए 12 जुलाई को टेंडर आवंटित किए गए थे। लाखों रुपये के टेंडर डिफाल्टर ठेकेदारों को आवंटित किए गए हैं। इन ठेकेदारों ने पहले भी मंदिर के कई कामों के टेंडर लिए थे, लेकिन काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। काम पूरा न होने के कारण प्रशासन ने इन ठेकेदारों को डिफाल्टर घोषित किया है।
कोट्स
ठाकुर राम गोपाल मंदिर के सहायक अभियंता शमशेर सिंह ने बताया की ठाकुर राम गोपाल मंदिर डमटाल और बद्रीनाथ मंदिर बाई अटारिया मंदिर में लाखों रुपये के टेंडर उपायुक्त के निर्देश पर रद्द किए गए हैं। अब दोबारा नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।