धर्मशाला। प्रदेश सरकार के मीटर टैक्सी कैब का फैसला टैक्सी ऑपरेटरों को मंजूर नहीं है। सरकार के इस फैसले के विरोध में टैक्सी ऑपरेटर उतर आए हैं। अगर प्रदेश सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो टैक्सी ऑपरेटर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
वहीं टैक्सी ऑपरेटर यूनियन को परिवहन विभाग की ओर से निर्धारित किया गया 15 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से वसूला जाने वाला किराया भी गले नहीं उतर रहा है। भागसू टैक्सी यूनियन की मानें तो जिला कांगड़ा एक पहाड़ी क्षेत्र है। यहां पर कई रास्ते खड़ी चढ़ाई के हैं और इन रास्तों पर टैक्सी ऑपरेटरों को पहले और दूसरे गियर में टैक्सी को दौड़ाना पड़ता है। ऐसे में 70-80 रुपये के करीब पहुंचे पेट्रोल और डीजल के दामों के कारण यहां पर किसी भी लिहाज से टैक्सियों को मीटर लगाकर चलाना सही नहीं है।
बेरोजगार हो जाएंगे युवा : कर्म चंद
भागसू टैक्सी यूनियन के प्रधान कर्म चंद ने मीटर टैक्सियों का विरोध करते हुए कहा कि टैक्सियों में मीटर लगने से युवा बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक तरफ का तो किराया ग्राहकों से वसूल सकते हैं, जबकि वापस आती बार अगर सवारी नहीं मिली तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला सरासर गलत है।
कांगड़ा में पंजीकृत हैं 170 टैक्सियां
जानकारी के अनुसार जिला कांगड़ा में 02 नंबर की 170 टैक्सियां पंजीकृत हैं। ऐसे में इन वाहनों को तभी चलाया जा सकेगा, जब इनके ऊपर मीटर लगे होंगे और मीटर के हिसाब से ही वे सवारियों से पैसे वसूल करेंगे। वहीं परिवहन विभाग ने 02 नंबर के आपरेटरों को मीटर लगवाने के लिए कुछ स्थान सुझाए हैं, जहां पर वे अपनी गाड़ियों में मीटर लगवा सकते हैं।
यह निर्धारित है किराया
परिवहन विभाग ने पहले एक किलोमीटर के लिए 50 रुपये फिक्स किराया निर्धारित किया है। इसके बाद प्रति किलोमीटर 15 रुपये की दर से किराया लगेगा। वहीं वेटिंग चार्जेज 25 रुपये प्रति घंटा और सामान के लिए 5 रुपये प्रति वस्तु किराया तय किया गया है।
कोट्स
जिला कांगड़ा में 170 टैक्सियां 02 नंबर की पंजीकृत हैं। इन वाहनों पर मीटर लगाना अनिवार्य है। इन टैक्सियों को तभी पास किया जाएगा, जब इनके ऊपर मीटर लगे होंगे। - डा. विशाल शर्मा, आरटीओ, कांगड़ा।