राजा का तालाब (कांगड़ा)। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां खुशियां मातम में बदल गईं। बीएसएफ में तैनात राजेंद्र सिंह की अक्तूबर में शादी थी, लेकिन उससे पहले वह दुनिया से चला गया। जाझवां गांव की पिंकी देवी पर मानो जैसे मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा हो। दो साल पहले अचानक पति की मौत हो गई थी, जिससे अभी परिवार उबरा भी नहीं था कि अब 28 साल का जवान बेटा राजेंद्र सिंह चला गया।
मई में राजेंद्र सिंह का रिश्ता तय हुआ था। छुट्टी काटकर श्रीगंगानगर पहुंचने के बाद राजेंद्र का तबादला छत्तीसगढ़ के लिए हो गया। छत्तीसगढ़ जाते समय उसकी यूनिट लखनऊ कुछ देर के लिए रुकी। गर्मी का मौसम होने से वहां पर राजिंद्र सिंह ने नहाना उचित समझा। नहाने के उपरांत जब वह कपड़े पहनने लगा तो उसने अपने साथी से कान में दर्द होने की बात कही। आगे जाने की बजाए दवाई लेकर दूसरे दिन जाने की बात कही। लखनऊ से साथ आए बीएसएफ के एक जवान ने बताया कि 14 जुलाई को ज्यों ही उसने कूलर में पानी डालने के लिए उसका ढक्कन खोला। कूलर के नीचे बैठे एक सांप ने उसके पैर पर डंक मार दिया। इसके बारे में उसने लखनऊ में डॉक्टरों से बात की। इलाज करवाते समय सेहत में सुधार होने की बजाए उसकी स्थिति और भी बिगड़ती चली गई। ऐसे में गले की बढ़ती सूजन को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे दिल्ली एम्स रैफर कर दिया। एम्स में भी स्थिति में सुधार नहीं हो पाया। रविवार सुबह 7:37 बजे उसने अंतिम सांस ली।