धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के कर्मचारियों को रेगुलर करने में बरती गई लेटलतीफी निगम पर भारी पड़ी है। कोर्ट ने निगम को अपने हकों से वंचित हुए कर्मचारियों को बैक डेट से लाभ देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा निगम को कर्मचारियों को पेंशन का लाभ भी देना होगा।
जानकारी के अनुसार नगर निगम धर्मशाला में कार्यरत 40 के करीब कर्मचारियों को निगम ने 15 से 16 साल के बाद नियमित किया, लेकिन उन्हें बैक डेट के लाभ देने में आनाकानी की। इस पर कर्मचारियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और न्यायालय ने अपना फैसला कर्मचारियों के पक्ष में सुनाया है। नगर निगम के कर्मचारियों के अधिवक्ता अश्विनी कुमार गुप्ता ने बताया कि नगर निगम धर्मशाला ने कर्मचारियों को करीब 14-15 साल बाद नियमित किया था, लेकिन उन्हें बैक डेट के लाभ देने से वंचित रखा। इस पर कर्मचारी न्यायालय की शरण में गए। न्यायालय ने कर्मचारियों के हक में फैसला सुनाते हुए निगम प्रशासन को कर्मचारियों को बैक डेट से लाभ देने के निर्देश दिए। इसके अलावा अब इन कर्मचारियों को निगम की ओर से पेंशन सुविधा भी दी जाएगी। वहीं इंटक के उपाध्यक्ष रमेश सैणी और निगम के कर्मचारियों अमर सिंह, महेंद्र सिंह, रघुवीर सिंह, पम्मी कुमार, विनोद कुमार, दीपक, सिकंदर, मुलख राज और हरबंस लाल ने फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि न्यायालय ने कर्मचारियों के हक में फैसला सुना कर उन्हें न्याय दिलाया है। वहीं, नगर निगम धर्मशाला की महापौर रजनी व्यास ने बताया कि कोर्ट के आर्डर की कॉपी का अध्ययन करने के बाद ही आगामी कदम उठाया जाएगा।