नूरपुर (कांगड़ा)। नूरपुर में प्रस्तावित 10 करोड़ लागत से बनने वाले मातृ-शिशु अस्पताल (एमसीएच) के निर्माण के रास्ते में जमीन के अभाव का रोड़ा साफ हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने नूरपुर से निर्वाचित भाजपा विधायक राकेश पठानिया की पहल पर मौजूदा सिविल अस्पताल के ठीक सामने चयनित सरकारी भूमि (स्वास्थ्य विभाग) पर 50 बिस्तर क्षमता के प्रस्तावित नए मातृ-शिशु अस्पताल के निर्माण से जुड़ी कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने की कवायद शुरू कर दी है। इससे पहले नूरपुर में प्रस्तावित मातृ-शिशु अस्पताल के नए ब्लॉक का मौजूदा सिविल अस्पताल परिसर में ही निर्माण करने का खाका तैयार किया गया था।
13 सितंबर 2017 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिमला में संयुक्त रूप से चंबा-नाहन मेडिकल कॉलेज समेत 12 स्वास्थ्य संस्थानों का एक साथ ऑनलाइन शिलान्यास किया था। इनमें जिला कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज में 200 बिस्तर और नूरपुर के नागरिक अस्पताल में 50 बिस्तर वाले अस्पताल समेत कुल सात मातृ-शिशु अस्पताल शामिल थे। जबकि धर्मशाला में तत्कालीन खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं परिवहन मंत्री जीएस बाली ने मेडिकल कालेज टांडा व नागरिक अस्पताल नूरपुर में प्रस्तावित मदर-चाइल्ड अस्पताल की शिलान्यास पट्टिकाओं का सांकेतिक रूप से अनावरण किया था, लेकिन इसके शिलान्यास को दो माह बीत जाने के बावजूद संबधित स्वास्थ्य विभाग अभी तक साइट सिलेक्शन से जुड़ी कागजी औपचारिकताएं पूरी नहीं करवा पाया। इसके बाद चुनावों की घोषणा के चलते चुनाव आचार संहिता लागू होने से साइट सिलेक्शन का मसला अधर में ही लटका रहा। वैसे भी मौजूदा अस्पताल परिसर में मदर-चाइल्ड अस्पताल के नए ब्लॉक के निर्माण की योजना किसी के गले नहीं उतर रही थी। क्योंकि कांग्रेस कार्यकाल में नूरपुर सिविल अस्पताल का दर्जा 100 से बढ़ाकर 135 बिस्तर करने के बाद यहां अतिरिक्त बेड लगाने तक की जगह नहीं है, जबकि नूरपुर अस्पताल के परिसर में सिर्फ शवगृह, कैंटीन और ब्लड स्टोरेज सेंटर की तरफ ही कुछ जगह खाली है, जहां पर खासकर सर्दियों में चेकअप व इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके तीमारदार बैठते हैं और यह अस्पताल परिसर में एकमात्र ग्रीन एरिया नजर आता है। जिसके चलते नए मातृ-शिशु ब्लाक के निर्माण का पेंच अटका हुआ था।
कांगड़ा और चंबा के लोगों को मिलेगी सुविधा
मातृ-शिशु अस्पताल के बनने से प्रसव अथवा गर्भावस्था के दौरान होने वाली समस्याओं को लेकर महिलाओं और नवजात शिशुओं को इलाज के लिए भटकने से निजात मिलेगी। इस अस्पताल से नूरपुर समेत इंदौरा, जवाली, फतेहपुर उपमंडलों और चंबा जिला के भटियात क्षेत्र की जनता को लाभ मिलेगा। इस प्रस्तावित 50 बेड मदर-चाइल्ड ब्लॉक को स्थानीय विधायक राकेश पठानिया की 75 बेड तक करवाने की योजना है। साथ ही नूरपुर में डायलिसिस और ट्रामा सेंटर मंजूर करवाने को लेकर कागजी कसरत चल रही है।
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नूरपुर में प्रस्तावित मदर चाइल्ड अस्पताल के लिए साइट फाइनल कर दी गई है और जल्द ही इससे जुड़ी कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री महोदय से भूमिपूजन करवाकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-राकेश पठानिया, विधायक नूरपुर विस क्षेत्र