अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के उद्यान एवं कृषि वानिकी विभाग के वैज्ञानिकों ने अखिल भारतीय कृषि वानिकी समन्वित परियोजना की जनजातीय उप परियोजना के तहत बैजनाथ तहसील के कंदराल गांव में एक दिवसीय कृषि वानिकी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया। प्रशिक्षण में कंदराल, सुरू, मेशगढ़, लमाल और बल्ह आदि गावों के 63 किसानों ने भाग लिया। इनमें 47 महिलाएं भी शामिल थीं। शिविर में विभाग के वैज्ञानिकों डॉ. पूनम और डॉ. रामेश्वर ने घासनियों को सुधारने के लिए सिल्वी-पेस्टोरल लगाने और भूमि की उपजाऊ शक्ति को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए एग्नी सिल्वीपेस्टोरल, हॉर्टीपेस्टोरल पौधरोपण करने की सलाह दी। खेतों के लिए बाड़े के लिए विशेष पौधे लगाने संबंधी महत्वपूर्ण टिप्स दिए। प्रशिक्षणार्थियों को खरपतवार एवं झाड़ियों के नियंत्रण के लिए कृषि औजार भी वितरित किए गए। इस मौके पर स्थानीय पंचायत प्रधान उमा मौजूद रहीं।