धर्मशाला। तिब्बत को स्वायत्त करने के संघर्ष में वहां एक और युवक ने आत्मदाह कर लिया है। तिब्बत में मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ तिब्बत में 23 दिसंबर की सुबह कोंपे नामक युवक ने आत्मदाह किया है। 24 दिसंबर की सुबह युवक ने दम तोड़ दिया। आत्मदाह से पहले कोंपे ने चीन सरकार की नीतियों के खिलाफ-प्रदर्शन किया।
मैक्लोडगंज स्थित निर्वासित तिब्बत सरकार का धर्म एवं संस्कृति विभाग 27 दिसंबर को दलाईलामा मंदिर में कोंपे की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभा करेगा। इसमें तिब्बती और विदेशी समुदाय के लोग प्रार्थना करेंगे। कोंपे तिब्बत के लगाबा काउंटी के चा गांव के रहने वाले थे। एक साल पहले ही 30 वर्षीय कोंपे ने शादी की थी। उनके दो भाई और तीन बहने हैं। एक भाई बौद्ध भिक्षु है। कोंपे भी बचपन में एक मठ में बौद्ध भिक्षु थे, लेकिन बाद में वह मठ को छोड़ कर चीन सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलने लगे। कोंपे के आत्मदाह के बाद तिब्बत के नगाबा शहर में सभी दुकानें दो दिन के लिए बंद रहीं। चीन सरकार की नीतियों के खिलाफ तिब्बत में अभी तक 151 तिब्बतियों ने आत्मदाह किया है। इनमें से 129 की मौत हो चुकी है।