नौकरीपेशा महिलाओं के लिए नहीं मातृ वंदना योजना
धर्मशाला में आयोजित कार्यशाला में दी योजना की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला (कांगड़ा)। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय धर्मशाला में वीरवार को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी रणजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में विभाग की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने की योजना बनाई गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि इस योजना को लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पहले जीवित बच्चे के जन्म के लिए गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को फायदा होगा। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी मोड) के माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। पंजीकरण के समय 1000 रुपये की पहली किस्त प्रदान की जाएगी। छह महीने की गर्भावस्था के बाद कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच के बाद 2000 रुपये की दूसरी किस्त प्रदान की जाएगी। जब बच्चे का पंजीकरण हो जाता है और बच्चे को बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटस-बी सहित पहला टीका चक्र पूरा होता है, तो 2000 रुपये की तीसरी किस्त प्रदान की जाती है। ऐसी महिलाएं जो केंद्र, राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ नियमित रोजगार में हैं अथवा ऐसी महिलाएं, जो किसी भी अन्य योजना या कानून के तहत समान लाभ प्राप्त कर रही हैं। वे प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के दायरे में नहीं आएंगी। इस अवसर पर पर्यवेक्षक सतपाल ने भी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जानकारी दी गई।