धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक बलदेव कुमार की अध्यक्षता में डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के बीच दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में तीन जिलों कांगड़ा, चंबा, ऊना के स्वास्थ्य कर्मी और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में नियमों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया तथा स्वास्थ्य विभाग में पेश आ रही समस्याओं के बारे मे जानकारी ली गई। बैठक में सभी डॉक्टरों को मरीजों के लिए जैनरिक दवाइयां लिखने के निर्देश दिए गए। पिछली बैठकों में नहीं आने वाले डॉक्टर भी इस मीटिंग में मौजूद रहे। इनमें हमीरपुर और मंडी अस्पताल के कर्मचारी शामिल रहे। बैठक में स्वास्थ्य निदेशक बलदेव कुमार के साथ उपनिदेशक गोपाल और कानून अधिकारी अंकिता वर्मा भी मौजूद रही।
पैट शिक्षकों ने मांगा नियमितीकरण
धर्मशाला। जिला कांगड़ा के पैट शिक्षक अध्यक्ष प्रीत पाल चौहान की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिले। शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री से 15 वर्षों से नियमितीकरण की राह ताक रहे 3404 अध्यापकों को रेगुलर करने की मांग रखी। शिक्षा मंत्री ने मांगपत्र पर सहानुभूति विचार करने का आश्वासन दिया।
सीएम राहत कोष में 11 हजार दिए
धर्मशाला। हिमाचल के 102 और 108 एंबुलेंस अनुबंध वर्कर्स यूनियन ने स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 हजार रूपए की अनुदान राशि सीएम को भेंट की। यूनियन के महासचिव विजय कुमार ने बताया कि इस तरह का अनुदान कर्मचारी समय-समय पर करते रहेंगे।
पेंशन दोगुना करने के प्रस्ताव को लागू करने की मांग
धर्मशाला। केसीसी बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने धर्मशाला में मुख्यमंत्री से उनकी पेंशन को दोगुना करने वाले प्रस्ताव को लागू करने की मांग रखी। केसीसी बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को बताया कि बैंक के निदेशक मंडल और आम सभा ने 19 मई 2017 को सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन को सम्मानजनक दोगुना करने का प्रस्ताव लाया गया था। लेकिन, इस प्रस्ताव पर मुहर नहीं लग पाई थी।
संगठन के समर राणा और महासचिव संतोष गोयल ने ने बताया कि केसीसी बैंक के एक ट्र्रस्ट के माध्यम से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मार्च 2010 तक सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के समकक्ष पेंशन दी जाती थी। इसके बाद बिना कारण बताए यह पेंशन बंद कर दी गई थी। फिर अप्रैल 2105 से पेंशन दोबारा से आरंभ कर दी थी। इससे एक प्रबंधन कर्मी की पेंशन 5 हजार रूपए प्रति माह बनती थी। इस विसंगति को दूर करने के लिए मामला संगठन द्वारा समय-समय पर बैंक प्रबंधन के ध्यान में लाया गया। इसके बाद बैंक के निदेशक मंडल ने 19 मई 2017 को सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन को दोगुना करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर दिया था।