बैजनाथ (कांगड़ा)। सत्ता परिवर्तन के बाद अब विभिन्न सरकारी कमेटियों में सदस्यों के मनोनयन को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। प्रदेश की सबसे बड़ी नपं में शामिल बैजनाथ पपरोला नपं में तीन मनोनीत सदस्यों के अतिरिक्त शिव मंदिर न्यास, महाकाल मंदिर न्यास और 14 फरवरी को प्रस्तावित राज्य स्तरीय शिवरात्रि महोत्सव के लिए बनने वाली कमेटियों में पार्टी की पसंद के सदस्यों का मनोनयन इसी सप्ताह किए जाने की उम्मीद है।
नपं के 11 चुने हुए पार्षदों के अतिरिक्त तीन पार्षदों का मनोनयन पूर्व सरकार के समय किया गया था। इनमें से एक पार्षद पपरोला, एक घिरथोली और एक प्रीत नगर से संबंधित थे। इसी प्रकार शिव मंदिर न्यास में दस और महाकाल में नौ लोगों को न्यास का सदस्य बनाया गया था। वहीं राज्य स्तरीय शिवरात्रि महोत्सव की विभिन्न कमेटियों में सरकारी सदस्यों के अतिरिक्त चार दर्जन से अधिक लोग सत्तासीन पार्टी की पसंद के होते हैं।
बताया जा रहा है कि नपं के लिए मनोनीत होने वाले तीन पार्षदों और शिव मंदिर न्यास के सदस्य बनने के लिए एक अनार सौ बीमार की स्थिति है। पार्टी के कार्यकर्ता अपने तरीके से अपने नामों को आगे कर रहे हैं। शिवरात्रि महोत्सव की कमेटी में नाम देने के लिए मंडल को माथापच्ची करने की आवश्यकता पेश नहीं आ रही है, लेकिन दोनों मंदिरों के न्यास सदस्यों और नपं के पार्षदों के लिए पार्टी के पदाधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। पार्टी किसी की नाराजगी न लेकर सबको समायोजित करने का प्रयास कर रही है। मंगलवार 16 जनवरी को प्रस्तावित राज्य स्तरीय शिव रात्री महोत्सव की पहली बैठक में कमेटियों के सदस्यों की सूची जारी हो जाएगी। मंडल भाजपा अध्यक्ष कर्ण सिंह जंबाल ने बताया कि जल्द ही मनोनीत होने वाले पार्षदों और न्यास के सदस्यों के नामों की सूचि को फाइनल कर दिया जाएगा।