फैक्टर-वन और टू का मुआवजा मंजूर नहीं
नहीं देंगे बैंक खाता और आधार नंबर, फोरलेन प्रभावित संघर्ष समिति का प्रदेश सरकार को दो टूक
कहा, जमीन के वर्तमान रेट के अनुसार मुुआवजा दे सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
जसूर(कांगड़ा)। फोरलेन प्रभावितों को प्रदेश सरकार फैक्टर वन और टू के अनुसार पुनर्वास के लिए मुआवजा दे रही है, इससे उनका पुनर्वास संभव नहीं है। जसूर में फोरलेन प्रभावित संघर्ष समिति की बैठक अध्यक्ष सूबेदार मेजर दरबारी लाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में समिति के सदस्यों ने दो टूक कहा कि उन्हें यह मुआवजा मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा अभी तक प्रभावित लोगों को नहीं बताया गया कि उन्हें किस आधार पर मुआवजा दिया जा रहा है। इसके चलते संबंधित विभाग को यह लोग अपना बैंक खाता, आधार नंबर नहीं सौंपेंगे।
समिति का प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया और एसडीएम से भी मिलेगा। अगर सरकार ने लोगों से अन्याय किया तो कंडवाल, नागावाड़ी, जसूर बोड़, नागनी, कंडवाल, जोंटा से लेकर भाली तक के 20 कस्बों के लोग एसडीएम कार्यालय के समक्ष क्रमिक भूख हड़ताल कर देंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और प्रशासन पर होगी। उन्होंने कहा कि उजड़ने वालों में अधिकांश संख्या उन पौंग बांध विस्थापितों की है, जो पहले भी विस्थापन का दंश झेल चुके हैं। समिति के महासचिव विजय सिंह हीर के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसे कंडवाल, नागावाड़ी, छतरोली, जसूर, जाच्छ, बोड़ आदि कस्बों की सड़क किनारे भूमि का रेट करीब पंद्रह लाख रुपये प्रति मरला वर्तमान में चल रहा है, जबकि सरकार प्रस्तावित फैक्टर वन के तहत डेढ़ से दो लाख लाख प्रति मरला देने की तैयारी में हैं। उन्होंने वर्तमान रेट के अनुसार जमीनों का मुआवजा देने की मांग उठाई। बैठक में सुदर्शन शर्मा, गुड्डू पठानिया, सरदारी लाल, अमरजीत, नरेंद्र सिंह, जुगल किशोर, अशोक, मदन, प्रीतम रामपाल, केशव, प्रेम, सतपाल पठानिया, रघुवीर ,तिलक, विनय, कुलदीप, रामचंद्र और सुशील आदि मौजूद रहे।