ज्वालामुखी(कांगड़ा)। ज्वालामुखी शहर से एक किलोमीटर की दूरी पर लाखों रुपये से तैयार हुई उप सब्जी मंडी के संचालन के लिए किसी भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई है। आलम यह है कि उपसब्जी मंडी की दुकानों में करीब आठ साल बाद भी ताले लटके हैं। इस सब्जी मंडी का उद्घाटन 31 जनवरी 2009 को हुुआ था। उप सब्जी मंडी ग्राहकों की कमी के कारण अधिकतर दुकानें बंद पड़ी हुई हैं। आलम यह है कि शनिवार को केवल एक ही दुकान खुली थी और एक भी ग्राहक वहां मौजूद नहीं था। इस उपसब्जी मंडी का शिलान्यास वीरभद्र सिंह ने बतौर मुख्यमंत्री 13 जनवरी 2005 के किया था। उसके बाद 31 जनवरी 2009 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने उप सब्जी मंडी का उद्घाटन किया था।
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दुकानें बंद होने से प्रभावित हो रहा व्यापार : रविकांत
स्थानीय निवासी रविकांत ने बताया कि उप सब्जी मंडी ज्वालामुखी के साथ ही वे दुकान करते हैं। उप सब्जी मंडी की अधिकतर दुकानें बंद रहती हैं। इससे आसपास का कारोबार भी प्रभावित होता है। ये सभी दुकानें खुलें तो इस क्षेत्र के आसपास भी कारोबार में बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है।
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उप सब्जी मंडी की लेनी चाहिए सुध : गुगल
स्थानीय निवासी गुगल ने बताया कि काफी समय से सब्जी मंडी की अधिकतर दुकानें बंद हैं। इस कारण आसपास में कोई भी चहल पहल नहीं हैं। इसकी भी सुध लेनी चाहिए।
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स्थानीय निवासी ज्ञान चंद ने बताया कि कई वर्षो से वह उपसब्जी मंडी की दुर्दशा देख रहे हैं। लेकिन, अब तक इसकी सुध किसी ने नहीं ली। यहां पर जो दुकानें हैं। वह अधिकतर बंद ही रहती हैं। इक्का दुक्का ही खुली रहती हैं। इसलिए ग्राहक ही नहीं आते।