अमर उजाला ब्यूरो
जसूर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश सर्व कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. संजीव गुलेरिया ने कहा कि कोर्ट से कर्मचारियों के हक में फैसला होने के बावजूद दोनों ही प्रमुख दलों ने प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता जैसे अहम मुद्दे को अपने घोषणा पत्र में स्थान देना उचित नहीं समझा। इससे हिमाचल में 90 हजार के लगभग अनुबंध कर्मचारी और अनुबंध से नियमित हुए कर्मचारी आहत हैं।
महासंघ के मानना है कि यह एक ऐसा मुद्दा है, जिससे सीधे सरकार के खजाने पर किसी तरह का कोई बोझ नहीं पड़ेगा, लेकिन उच्च शिक्षित युवा पीढ़ी को सीधे राहत मिलेगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुलेरिया ने कहा कि महासंघ कांग्रेस और भाजपा के इस घोषणा कि पुरानी पेंशन को बहाल किया जाएगा और कमेटी गठित की जाएगी का स्वागत करता है। लेकिन, इसको शुद्धि पत्र के माध्यम से घोषणापत्र में शामिल किया जाए, ताकि सभी कर्मचारियों को किसी तरह की शंका न रहे। कर्मचारी महासंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सहित अन्य नेताओं से भी आग्रह किया है कि जो भी दल पुरानी पेंशन के लिए कमेटी बनाने के बजाय इसे सीधे आते ही लागू करने की हामी किसी बड़े मंच से करता है, तो कर्मचारी महासंघ उस दल को समर्थन करने से पीछे नहीं हटेगा। महासंघ की प्रमुख मांगों में हिमाचल के विभिन्न विभागों में आरएंडपी नियमों के तहत नियुक्त अनुबंध कर्मी, अनुबंध के बाद नियमित हुए सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को वरिष्ठता प्रथम नियुक्ति से प्रदान की जाए।