धर्मशाला (कांगड़ा)। चुनावी बेला में सियासी दृष्टि से अहम कांगड़ा जिले में करोड़ों की विकास योजनाओं के धड़ाधड़ शिलान्यास और लोकार्पण हुए। खुद मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से करीब सभी विधानसभा हलकों में सड़कों, पुलों, पेयजल योजनाओं समेत भवनों और कई कार्यों की आधारशिला रखी। लेकिन, अब चुनाव आचार संहिता लगने के बाद इन योजनाओं का भाग्य नई सरकार बनने पर ही तय होगा। धर्मशाला हलके में कम्यूनिटी पार्कों और पार्किंग का निर्माण, बैजनाथ हलके में करीब दस करोड़ की पेयजल और सिंचाई योजनाओं का कार्य अब आचार संहिता हटने के बाद ही शुरू हो सकेगा। अन्य विस हलकों में भी कमोबेश करोड़ों की छोटी-बड़ी योजनाओं का बीते एक माह में मंत्री और विधायकों ने रोजाना एक साथ नींव पत्थर रखकर जनता को रिझाने का भरपूर प्रयास किया है, लेकिन इन योजनाओं का भविष्य अब चुनाव के बाद ही तय होगा।
केंद्रीय विवि का मसला भी अधर में
जिले में करीब एक दशक से सियासत में उलझे केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थायी कैंपस के निर्माण का मसला भी अब सूबे की अगली सरकार बनने तक ठंडे बस्ते में चला गया है। हाल ही में देहरा में भी केंद्रीय विश्वविद्यालय की कक्षाएं शुरू करने की कवायद शुरू की गई है, लेकिन केंद्रीय विवि के मुख्य कैंपस का निर्माण कहां होगा, इस पर अब नए साल में नई सरकार ही आगामी कदम उठाएगी।
सरकारी योजनाओं के होर्डिंग्स हटाए
आदर्श चुनाव आचार संहिता लगते ही जिला व उपमंडल स्तर पर प्रशासन सक्रिय हो गया और जगह-जगह लगे सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और राजनीतिक दलों के बैनर व होर्डिंग्स हटाने का काम आरंभ हो गया जो देर शाम तक चलता रहा।