मंदिरों में उमड़े भक्त, मां के आशीष से नए साल की शुरुआत
चामुुंडा में 20, ज्वालामुखी में 25 और बज्रेश्वरी के दर झुके 15 हजार श्रद्धालुु
तड़के खुल गए मंदिरों के कपाट, लंबे इंतजार के बाद हुए दर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
चामुंडा/ज्वालामुखी/कांगड़ा। देव भूमि कांगड़ा में नववर्ष के प्रथम दिन भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
इस दौरान 60 हजार के करीब श्रद्धालुओं ने नववर्ष की शुरुआत मंदिरों में शीश नवाकर की। इस दौरान जहां स्थानीय मंदिरों में लोगों ने माथा टेका, वहीं कांगड़ा के तीनों शक्तिपीठों में हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लेकर नववर्ष के आगमन का स्वागत किया।
मंगलवार को शाम सात बजे तक चामुंडा मंदिर में 20 हजार, ज्वालामुखी में 25 हजार और मां बज्रेश्वरी के चरणों में 15 हजार के करीब श्रद्धालुओं ने माथा टेका। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध होकर शक्तिपीठों में दर्शन करवाए गए। प्रसिद्ध शक्तिपीठ चामुंडा मंदिर में सुबह चार बजे से ही भक्त लाइनों में लग गए थे। मंदिर अधिकारी सुमन धीमान ने बताया कि पहले दिन अपेक्षा से अधिक श्रद्धालु मंगलवार को चामुंडा मंदिर में नतमस्तक हुए। उन्होंने बताया कि सुबह चार बजे से शाम तक बीस हजार श्रद्धालु चामुंडा मंदिर में शीश नवा चुके थे, जबकि रात तक लंबी कतारें लगी हुईं थीं। पालमपुर के न्यायाधीश अमित मंडयाल ने भी मां चामुंडा के चरणों में हाजिरी लगाई।
दूसरी ओर शक्तिपीठ ज्वालामुखी में भी पवित्र ज्योतियों के दर्शन कर लोगों ने नववर्ष की शुुरुआत की। सायं करीब 7 बजे तक 25 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र ज्योतियों के दर्शन किए, जबकि रात तक भीड़ कम नहीं हुई थी। मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे ही खुल गए थे। इस दौरान लोगों ने चाय-पकौड़े सहित नि:शुल्क चिकित्सा कैंप भी लगाए गए थे। सहायक मंदिर अधिकारी अमित गुलेरी ने बताया कि श्रद्धालुओं को शांतिपूर्वक दर्शन करवाये गए। इसके अलावा प्रसिद्ध शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हालांकि यहां भीड़ अन्य शक्तिपीठों से कम थी। कांगड़ा मंदिर में 15 हजार के करीब श्रद्धालु दर्ज किए गए। मंदिर प्रशासन ने सुबह 6 बजे मंदिर के कपाट खोल दिए थे। वही दिनभर लंगर भी चलता रहा।