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बिजली बोर्ड के खिलाफ होटल संचालकों का हंगामा

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बिजली बोर्ड के खिलाफ होटल संचालकों का हंगामा
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कहा, बिजली-पानी काटने के बाद बार-बार जांच करने आ रहे अधिकारी, कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद जिन होटलों की बिजली-पानी कटा है, उन होटल संचालकों ने बिजली बोर्ड के खिलाफ शुक्रवार को प्रदर्शन किया। भागसुनाग, मैक्लोडगंज, धर्मकोट के होटल संचालकों और अन्य लोगों ने उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जमकर हंगामा दिया। लोगों में आक्रोष को देखते हुए प्रशासन ने एडीएम मस्त राम भारद्वाज की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया। इसमें एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रमोत्रा, एएसपी कांगड़ा दिनेश कुमार शर्मा, विद्युत बोर्ड मंडल धर्मशाला अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार सहित विद्युत और आपीएच की अधिकारी भी मौजूद रहे। किशन चंद, हंस राज, चतर सिंह, संसार चंद, निशा देवी, कामना, रीता, रितु ने कहा कि एक तो हाईकोर्ट के आदेशों के बाद उनकी बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए हैं। एक बार कनेक्शन काटने के बाद दिन के 10 से 15 बार बिजली बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी उनके बंद होटलों की जांच करने पहुंच जाते हैं और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। इस पर हस्तक्षेप करते हुए विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार ने कहा कि लोगों के आरोप की जांच की जाएगी, लेकिन बोर्ड अपने स्तर पर नहीं बल्कि इस मामले में हाईकोर्ट के आदेशों की ही पालना कर रहा है। सभी लोग अपनी औपचारिकताएं पूरी करें तो वे 128 होटलों के कनेक्शन एक ही दिन में बहाल कर देंगे। वहीं, नगर निगम धर्मशाला वार्ड नंबर दो पार्षद ओंकार नैहरिया, भाजयुमो कोषाध्यक्ष विपन नैहरिया का कहना है कि पर्यटन सीजन शुरू हो गया है, ऐसे में होटल संचालकों को परेशानी तो ही रही है, लेकिन बैठक में अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह में कोई हल निकाला जाएगा। बैठक के दौरान एक युवक सोशल मीडिया पर लाइव कर रहा था, इसके दौरान दो होटल संचालकों ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि उन्हें पता है कि उन्होंने गलत किया है, लेकिन प्रशासन कुछ तो कर सकता है अपने स्तर पर भी। वीडियो पर यह ब्यान दिन भी चर्चा का विषय बना रहा। उधर, नगर निगम धर्मशाला के अतिरिक्त आयुक्त सुखदेव सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों के बाद अवैध होटल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई गई है।
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