अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला।
लोकतंत्र के महापर्व में अब वो जमाने चले गए, जब गृहिणियों पर दबाव बनाकर अपनी मनपसंद के उम्मीदवार को पुरुष वोट डलवाते थे। अब घरों में चुनावों और उम्मीदवारों को लेकर चर्चा होती है। लेकिन, पुरुषों की तरह ही महिलाएं भी बेझिझक उम्मीदवार को लेकर अपनी पसंद बताती हैं और अपना पक्ष मजबूती के साथ रख रही हैं। इस विधान सभा चुनाव में महिलाओं की उम्मीदवार को लेकर प्राथमिकता और जिस मुद्दे को लेकर वह उम्मीदवार को वोट डालेंगी। इसकी जानकारी स्वयं महिलाओं से हासिल की। इस दौरान महिलाओं ने खुलकर विचार रखे।
बाद में नहीं आता कोई : आशा
धर्मशाला की गृहिणि आशा नरूला ने बताया कि चुनावों के समय सभी नेता वोट मांगने आते हैं। लेकिन, चुनावों के बाद उनकी शक्ल नहीं दिखाई देती। फिर भी जो भी उम्मीदवार लोगों के सुखदुख में काम आएगा। उसे ही वोट डालेंगी। वोट डालने को लेकर किसी प्रकार का घर से कोई दवाब नहीं है।
मिलनसार को दूंगी वोट : मंजू
धर्मशाला की मंजू ने कहा कि जिससे मिलने में आम जनता को परेशानी न हो ऐसे प्रत्याशी को वह वोट करेंगी। हालांकि, घर में चुनावों को लेकर चर्चा होती है। लेकिन, कभी घर में किसी ने व्यक्ति विशेष या फिर अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट डालने का दबाव नहीं बनाया। वह अपनी मर्जी से वोट करेंगी।
नेता बाद में छिपाते हैं मुंह : सुरेखा
सकोह की सुरेखा ने कहा कि चुनावों के समय में उम्मीदवार वोट मांगने तो आते हैं। लेकिन बाद में काम करने पर मुंह छिपाते हैं। फिर भी लोकतंत्र के महापर्व में वे अपने मत का प्रयोग जरूर करेंगी। वह अपनी सूझबूझ के साथ पसंद के उम्मीदवार को वोट करेंगी।
जो समस्या समझे उसे दूंगी वोट : शकुंतला
विस चुनावों में उम्मीदवार की सभी बातों को ध्यान में रखकर ही वोट किया जाएगा। जो लोगों की समस्या को समझेगा, उसको वोट मिलेगा। घर के किसी भी सदस्य या बड़े-बुजुर्गों का किसी भी उम्मीदवार को वोट डालने के लिए किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं है। अपनी मर्जी से वोट डाला जाएगा।
काम करने वाले को मेरा मत : मृदुला
कोई भी उम्मीदवार जीतने के बाद बिना वजह जनता को परेशान न करे और जनता के कामों को प्राथमिकता के आधार पर करे। उसी उम्मीदवार को मेरा वोट जाएगा। चुनावों को लेकर घर में चर्चा चलती है। लेकिन, किस उम्मीदवार को वोट करना है। इस प्रकार का कोई दबाव नहीं बनाया जाता।