बैजनाथ (कांगड़ा)। समीपवर्ती पंचायत सेहल में नलों में आ रहे मटमैले पानी के कारण गांव में बरसाती बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो गया है। गांव के 400 परिवारों की करीब 1600 आबादी को धरेड़ पंचायत के समीप छिव्वर नाला और संसाल-भट्टू पंजाला पेयजल योजनाओं के तहत पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है। बिना फिल्टर बेंड के सीधे पाइपों में डाला गया पानी बरसात के मौसम में दूषित होना शुरू हो गया है। ऐसे में नलों में आ रहे गंदे पानी के सेवन से लोग बरसाती बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। सेहल पंचायत प्रधान रविंद्र कुमार ने बताया कि गत तीन वर्षों से पंचायत के लोगों को छिव्वर नाले और संसाल-भट्टू पंजाला स्कीम से पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। पंचायत के लोग पहले भी आईपीएच विभाग के अधिकारियों को इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का हल नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि बरसात में पेयजल के स्रोतों में ही गंदा पानी आता है और बिना फिल्टर बेंडों के यह पानी बीमारियों का सबब बन सकता है। आईपीएच विभाग बैजनाथ के एसडीओ दलेर ने बताया कि उनके पास ऐसी शिकायत नहीं आई है। यदि ऐसी समस्या है तो पंचायत का दौरा करके इस समस्या का समाधान किया जाएगा।