धर्मशाला। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नितिन मित्तल की फास्ट ट्रैक पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी कर्ण को दोषी करार दिया है। उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने आरोपी को नाबालिग को अपराधिक धमकी देने के मामले में भी दोषी पाया और दो वर्ष की अतिरिक्त सजा सुनाई है। मामले की पैरवी सरकार की ओर से सहायक जिला न्यायवादी नवीना राही ने की। पुलिस थाना देहरा के तहत वर्ष 2024 में दर्ज इस मामले में पीड़िता की माता ने शिकायत दी थी कि जब उसकी नाबालिग बेटी ताई के घर से लौट रही थी, तो रास्ते में आरोपी कर्ण ने उसे बहला-फुसलाकर मंदिर के पास दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता ने अगले दिन यह बात अपनी माता को बताई, जिसके आधार पर थाना देहरा में मामला दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 22 गवाह पेश किए, जिनमें एक प्रत्यक्षदर्शी की गवाही ने आरोपी के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए यह सख्त सजा सुनाई।