धर्मशाला। राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद जिला कांगड़ा के अध्यक्ष दीप कुमार शास्त्री ने कहा कि हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार को पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल करनी चाहिए। अध्यक्ष शास्त्री ने कहा कि शिक्षकों के 10 से 20 वर्षों के अनुभव को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के बराबर माना जाना चाहिए। उनका कहना है कि समय-समय पर भर्तियों और पदोन्नति नियम बदलते रहे हैं, लेकिन पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर कभी नए नियम थोपे नहीं गए। संस्कृत शिक्षक परिषद ने हिमाचल सरकार से आग्रह किया है कि इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए। ब्यूरो