शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में बुधवार शाम करीब 7:30 बजे उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक श्रद्धालु ने गर्भगृह के बाहर पीपल के पेड़ के पास खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली।
विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में बुधवार शाम करीब 7:30 बजे उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक श्रद्धालु ने गर्भगृह के बाहर पीपल के पेड़ के पास खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। आग की चपेट में आने से श्रद्धालु करीब 60 फीसदी झुलस गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही मंदिर प्रशासन और सुरक्षा कर्मचारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाई और श्रद्धालु को बचाया। मंदिर अधिकारी एवं तहसीलदार अजय मंडयाल ने सुरक्षा कर्मचारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अस्पताल से एंबुलेंस मंगवाकर श्रद्धालु को ज्वालामुखी अस्पताल पहुंचाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार श्रद्धालु राजस्थान का रहने वाला बताया जा रहा है। गंभीर रूप से झुलसने के कारण वह बोलने की स्थिति में नहीं है।
विज्ञापन
ज्वालामुखी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालु के साथ अपने कर्मचारियों को भी अस्पताल भेजा, ताकि उपचार के दौरान दवा या अन्य सहायता की जरूरत पड़ने पर उपलब्ध कराई जा सके। घटना पर विधायक संजय रतन ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मंदिर प्रशासन को श्रद्धालु को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। ज्वालामुखी के डीएसपी संजय शर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली है कि श्रद्धालु ने खुद को आग लगाई है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है। श्रद्धालु की पहचान और आग लगाने के पीछे की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।