धर्मशाला। सीएडंवी शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने चेताया है कि 30 जून तक शिक्षक संघ की मांगें नहीं मानी गई तो 3 जुलाई से संघ सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेगा। संघ की कुल्लू में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया है।
प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा कि बैठक में संघ की मुख्य आठ मांगों पर चर्चा हुई थी। इसमें नए स्तरोन्नत माध्यमिक स्कूलों में कला अध्यापक और शारीरिक शिक्षकों के पदों की स्वीकृति, विभाग की ओर से जारी 10 सितंबर 2015 की अधिसूचना को रद्द करने, माध्यमिक स्कूलों में नियमित प्रशिक्षित स्नातक या वरिष्ठ सीएडंवी अध्यापकों को ही प्रभारी बनाने, सीएडंवी अध्यापकों को 20 वर्ष के बाद मिलने वाली दो विशेष वेतन वृद्धियों को 10 या 15 वर्षों के सेवाकाल के बाद देने, एक प्रतिशत स्थानांतरण नीति में संशोधन करने, स्थानांतरण कोटा एक से बढ़ाकर 15 प्रतिशत, समय अवधि 13 वर्ष से घटाकर पांच साल करने, सरकार से स्वीकृत 1500 पदों को शीघ्र भरने, सीएडंवी अध्यापकों को उनकी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर टीजीटी पदनाम देने, पैरा एवं पीटीए अध्यापकों को अविलंब नियमित करने सहित पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांगें शामिल हैं। संघ इन सभी मांगों को तीन वर्षों से सरकार और विभाग के समक्ष उठा रहा है, लेकिन अब तक संघ की इन मांगों को पूरा करने को लेकर आश्वासन ही मिले हैं। इन मांगों को पूरा करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसलिए अब संघ ने प्रदेश सरकार को 30 जून तक उक्त मांगों को मानने का समय दिया है। इसके बाद संघ सरकार और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेगा।