नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में वोट चोरी और जनादेश हथियाने की दोषी कांग्रेस है। प्रदेश में सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार ने झूठी गारंटियों से हिमाचल में वोट की चोरी कर सत्ता हथियाई है। कांग्रेस सरकार को प्रदेश के लोगों के साथ किए गए इस छल के लिए माफी मांगनी चाहिए और मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस के नेताओं की ओर से वोट चोरी की बात करना अपनी बेशर्मी प्रदर्शित करने जैसा है।
शुक्रवार को जारी प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस की हिमाचल प्रभारी के सामने पार्टी की असलियत सामने आ गई। कांग्रेस के नेताओं ने जमकर शक्ति प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को चाहिए कि इस शक्ति प्रदर्शन को देखें और स्वयं गिन लें कि हिमाचल में कांग्रेस कितने धड़ों में बंटी हुई है। झूठी गारंटियां देकर सत्ता हथियाना, झूठे वादे कर लोगों का वोट ले लेना और सरकार बनने के बाद अपनी गारंटियों से साफ मुकर जाना वोटों की चोरी होती है। यही जनादेश हथियाना होता है और कांग्रेस इसमें मास्टर है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के वोट चोरी का ज्वलंत उदाहरण है। जहां विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बड़े–बड़े नेताओं ने खुलेआम आकर दस गारंटियां दीं। उसके बाद पहली कैबिनेट में ही से गारंटियों को लागू करने की कसमें खाते रहे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि गारंटियों को पूरा न कर उनके आज के तर्क और बयान सुनकर तरस आता है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाला व्यक्ति इतना बड़ा झूठ कैसे बोल सकता है। कांग्रेस के नेता, मुख्यमंत्री और मंत्री कई दफा अपनी ही गारंटियों से मुंह मोड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने तो सदन के भीतर ही कह दिया था कि हमने एक लाख सरकारी रोजगार पहली कैबिनेट में देने का कोई वादा ही नहीं किया था।