ट्यूमर के कारण टांग काटनी पड़ी, पर हार नहीं मानी
वीणा वादक कृष्ण लाल ने बताया कि 2003 में ट्यूमर होने के कारण उनकी एक टांग काटनी पड़ी थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उसके बाद भी लोक कला को बचाने के लिए काम जारी रखा। 67 वर्षीय कृष्ण लाल शिल्पी कलाकार भी हैं, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वीणा बजाना और बनाना उन्होंने अपने पिता से सीखा है। अब आगे अपने 15 वर्षीय पौत्र को भी सिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हर तरह की लोककलाएं विलुप्त होती जा रही हैं। इसका मुख्य कारण मोबाइल फोन और इंटरनेट है। अब लोग अपने मनोरंजन के लिए इन्हीं चीजों का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। पहले लोग अपने घर के हर कार्यक्रम में वीणा वादक को बुलाते थे। लोग बहुत रुचि के साथ सुनते थे। लेकिन अब समय में बदलाव हो चुका है।