नवंबर से अब तक योजना के तहत एक भी रुपया जारी नहीं
सरकारी स्कूलों को नवंबर से मिड-डे मील योजना का बजट जारी नहीं किया गया है। हालात ऐसे हैं कि बजट के अभाव के कारण कई स्कूलों में शिक्षकों को अपनी जेब से या स्थानीय दुकानदारों से उधार पर राशन लाकर विद्यार्थियों के लिए मध्याह्न भोजन की व्यवस्था करनी पड़ रही है। नवंबर से अब तक योजना के तहत एक भी रुपया जारी नहीं हुआ है। ऐसे में दुकानदारों ने भी शिक्षकों को उधार देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
मिड-डे मील योजना के तहत प्री-प्राइमरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को प्रतिदिन पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। जिला चंबा के 1631 प्री-प्राइमरी, प्राइमरी, मिडल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में प्रतिदिन पौष्टिक भोजन बच्चों को परोसा जाता है। इनमें 1144 प्री-प्राइमरी और प्राइमरी स्कूल, 226 मिडल स्कूल और 250 उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों के लिए मिड-डे मील की ग्रांट अभी तक जारी नहीं हो पाई है। इससे स्कूलों में मिड-डे मील बंद होने की नौबत आ रही है।
मिड-डे मील की ग्रांट जारी हो गई है। सप्ताह के भीतर इसे स्कूलों को वितरित कर दिया जाएगा। मिड-डे मील के संचालन में किसी प्रकार की दिक्कत पेश नहीं आएगी। - बलवीर सिंह, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा