पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर।
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आउटसोर्स भर्तियों को लेकर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के वायरल बयान पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा विधायक एवं पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सरकार पर बैकडोर भर्ती को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर सिफारिश के आधार पर सैकड़ों लोगों को रोजगार दिलाने की बात कही गई है। यदि यह बयान सही है और वास्तव में सिफारिशों के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं, तो यह प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लगातार पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के दावे करती रही है, लेकिन यदि मंत्री स्वयं सिफारिशों के आधार पर रोजगार दिलाने की बात स्वीकार कर रहे हैं तो यह बैकडोर भर्ती का स्पष्ट संकेत माना जाएगा। ऐसे मामलों से योग्य और पात्र अभ्यर्थियों का विश्वास सरकारी व्यवस्था से उठता है। पूर्व उद्योग मंत्री ने मांग करते हुए कहा कि सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच करवाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आउटसोर्स भर्तियों में चयन की प्रक्रिया क्या रही और कहीं राजनीतिक सिफारिशों को प्राथमिकता तो नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि यदि वायरल बयान तथ्यों पर आधारित नहीं है या उसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है, तो उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान को सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि युवाओं और आम जनता के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।