हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण के एक आदेश को संशोधित करते हुए स्पष्ट किया है कि दुर्घटना की स्थिति में अंतरिम मुआवजे के लिए केवल वाहन का पंजीकृत मालिक ही संयुक्त और अलग-अलग रूप से उत्तरदायी होगा न कि वाहन का चालक। न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की पीठ ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण-II चंबा की ओर से पारित 16 जनवरी 2025 के आदेश को आंशिक रूप से संशोधित किया है। चंबा ट्रिब्यूनल ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन के मालिक (सुखविंदर सिंह) और चालक (गर्गेश कुमार) दोनों को कलमेट को 50 हजार रुपये का अंतरिम मुआवजा संयुक्त और अलग-अलग रूप से चुकाने के लिए उत्तरदायी ठहराया था।
हाईकोर्ट में यह अपील वाहन के चालक गर्गेश कुमार और वाहन के मालिक सुखविंदर सिंह की ओर से दायर की गई थी। कोर्ट ने चालक की इस अपील को स्वीकार कर दिया। कोर्ट ने पाया कि धारा 140 के अनुसार केवल वाहन का मालिक ही मुआवजे के लिए उत्तरदायी है, और ट्रिब्यूनल ने चालक को संयुक्त रूप से उत्तरदायी ठहराकर गलती की है। वाहन के मालिक ने तर्क दिया कि उसने दुर्घटना से पहले ही वाहन एक कंपनी को एक्सचेंज कर दिया था, इसलिए वह मुआवजे के लिए उत्तरदायी नहीं है। कोर्ट ने मालिक की इस अपील को खारिज कर दिया।