मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम 1989 में संशोधन को मंजूरी दी ताकि चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण, निर्माण, भंडारण और परिवहन को विनियमित किया जा सके। शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्रों के 15 अग्निकांड प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रति परिवार सात लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। कुल 84.70 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जाएगी।
बैठक में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो विभिन्न विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को केन्द्रीकृत एवं सुव्यवस्थित करने पर विचार करेगी। मंत्रिमंडल ने घरेलू उपयोग के लिए खनिज परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों की कंपाउंडिंग फीस 4,500 रुपये से घटाकर 500 रुपये करने को मंजूरी दी। इससे ट्रैक्टर संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी और अनावश्यक दंड से बचाव होगा।
मंत्रिमंडल ने ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत वन विभाग और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेंगे। इससे पशुपालकों को रियल टाइम परमिट उपलब्ध होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बैठक में हिमकेयर योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा कवरेज को बीमा मॉडल के अंतर्गत संचालित करने का निर्णय लिया गया। संशोधित व्यवस्था के अनुसार पात्र लाभार्थियों को अब पांच लाख रुपये के स्थान पर सात लाख रुपये तथा 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति को भी मंजूरी दी। इस नीति का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्ट-अप के उभरते केंद्रों के रूप मे विकसित करना है। इस नीति के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026 से 2028 तक 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।