हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला
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हिमाचल के शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों में मंगलवार को शुरू हुई आठवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में हिंदी के पेपर में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। पेपर में 14 अंक के प्रश्न पाठ्यक्रम से हटाए गए पांच अध्यायों में से पूछे गए थे। आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न आने से विद्यार्थियों का सिर चकरा गया और इनका जवाब ही नहीं दे पाए। परीक्षा केंद्र से बाहर आने के बाद जब छात्रों ने आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न आने की शिकायत की तो शिक्षकों ने इसकी शिकायत हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव तक पहुंचाई और छात्रों को राहत देने की मांग उठाई।
हिमाचल प्रदेश राजकीय भाषायी अध्यापक संघ के राज्य अध्यक्ष हेम राज ठाकुर ने बताया कि शिक्षा बोर्ड की ओर से संचालित आठवीं की परीक्षा में हिंदी विषय से हटाए गए अध्यायों में से 14 अंक के प्रश्न पूछ गए थे। पढ़े न होने के कारण विद्यार्थी इनका जवाब नहीं दे पाए। मामला शिक्षा बोर्ड के सचिव के ध्यान में लाया गया है और प्रश्नों की एवज में छात्रों को ग्रेस अंक देने की मांग भी उठाई। प्रश्न संख्या चार, पांच और छह में कुछ प्रश्न पाठ्यक्रम के बाहर से पूछे गए थे। बोर्ड ने जिन अध्यायों को पाठ्यक्रम से हटा दिया था, उनमें से ये प्रश्न पूछना लापरवाही को दर्शा रहा है। राजकीय भाषायी अध्यापक संघ के महासचिव अर्जुन सिंह, राज्य महिला मोर्चा अध्यक्ष मीरा शर्मा और संघ के संस्थापक नरेंद्र कुमार ने भी छात्रों को राहत की मांग उठाई है। शिक्षकों ने कहा कि स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से मामले में जल्द फैसला लिया जाए। क्योंकि 31 दिसंबर से पहले अंतिम परीक्षा परिणाम भी तैयार किया जाना है।