शिलाई में हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन।
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शिमला, मंडी और नेरवा में मस्जिदों में हुए अवैध निर्माण के खिलाफ भड़की विरोध की चिंगारी सिरमौर पहुंच गई है। शनिवार को शिलाई में देवभूमि संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे और जिले के भीतर बिना पंजीकरण रह रहे बाहरी राज्यों के लोगों की जांच की मांग की और वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई।
समिति ने वक्फ बोर्ड पर भू माफिया के तौर पर काम करने का आरोप लगाते हुए इसे तुरंत भंग करने की मांग उठाई। समिति ने कहा कि वक्फ बोर्ड की आड़ में विशेष समुदाय सरकारी जमीन पर लगातार कब्जे कर रहा है। लोगों ने विश्रामगृह से लेकर एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली और एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भी भेजा।
नशे को दे रहे बढ़ावा
देव भूमि संघर्ष समिति ने सीएम को भेजे ज्ञापन में यह भी कहा है कि बाहरी लोग क्षेत्र के भीतर नशे को भी बढ़ावा दे रहे हैं और यहां के भोले भाले लाेगों को नशे के जाल में फंसा रहे हैं। वहीं, मुस्लिम समुदाय के लोग यहां की लड़की को बहला फुसलाकर उत्तरप्रदेश ले गए। इससे यहां की बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
गाताधार में 14 बीघा जमीन खरीदी, मालिक को बनाया नौकर
देवभूमि संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश और उपाध्यक्ष विनोद नेगी ने कहा कि शिलाई क्षेत्र में विशेष समुदाय के लोगों ने जमीन खरीदी है। गाताधार में 14 बीघा जमीन खरीदने का मामला सामने आया है और जमीन का मालिक अब उनके पास नौकर बन गया है। द्राबिल पंचायत में भी 22 लोगों ने जमीनों की पावर आफ अटॉर्नी ग्रामीणों से ली हुई है। दूसरे राज्यों से आकर यहां पहचान छिपाकर रह रहे विशेष समुदाय के लोगों से प्रदेश की शांति को खतरा पैदा हो गया है। दो दशकों से हिमाचल की जनसांख्यिकी को बदलने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है। बाहरी राज्यों के लोग संगठित होकर माफिया के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग कि अवैध रूप से बनी मस्जिदों और मजारों को हटाने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए। वहीं, जिले में पहुंच रहे बांग्लादेश के घुसपैठियों की भी जांच की जाए।