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हिमाचल मौसम: राज्य के कई भागों में छह दिन बरसेंगे बादल, 63 सड़कें बाधित; रामपुर में भूस्खलन का वीडियो वायरल

Sat, 12 Sep 2026 11:18 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

प्रदेश के कई भागों में बारिश का दाैर लगातार जारी है। इस मानसून सीजन में 30 जून से 12 सितंबर तक प्रदेश में आपदा की वजह से 298 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।  521 लोग घायल हुए हैं।
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रामपुर के फांचा कंडा में भारी भूस्खलन। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बारिश का दाैर लगातार जारी है। बीते 24 घंटों के दाैरान धर्मशाला में 87.2, कांगड़ा 68.8, कुफरी 64.6, शिलारू  54.6, जोगिंद्रनगर 48.0, मालरांव 45.0, पालमपुर 40.0, स्लापड़ 27.8, सराहन  27.3, नगरोटा सूरियां  25.8, कोटखाई 24.2, श्री नयना देवी 22.2 व शिमला में 18.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शनिवार सुबह राजधानी शिमला में धूप खिली, लेकिन दोपहर में बारिश हुई। वहीं तेज हवाओं के साथ ऊना जिले के विभिन्न क्षेत्र में हुई भारी बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है।

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रामपुर के फांचा कंडा में भारी भूस्खलन, 50 पेड़ भरभराकर कर गिरे 
वहीं रामपुर बुशहर उपमंडल की फांचा पंचायत के नंती और फांचा कंडे के बीच वन विभाग की भूमि पर भारी भूस्खलन हुआ है। इस भूस्खलन के साथ करीब 50 पेड़ भरभराकर कर गिर गए। इससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन की यह घटना करीब तीन पहले हुई। इसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस जगह पर पिछले कुछ साल से बरसात के मौसम में थोड़ा-थोड़ा भूस्खलन होता रहा है, लेकिन इस बार जंगल का बड़ा हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया। फांचा पंचायत के उप प्रधान सुभाष नेगी ने बताया कि नंती और फांचा कंडा के बीच भूस्खलन की यह घटना करीब तीन दिन पहले हुई थी। भूस्खलन होने से करीब 50 पेड़ गिर गए हैं। इस जगह पर कई साल से भूस्खलन हो रहा है। वन विभाग से मांग है कि इस जगह पर भूस्खलन को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय किए जाए। अन्यथा आने वाले समय में जंगल के इस हिस्से को और भी नुकसान होगा।

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मानसून सीजन में अब तक 298 लोगों की गई जान
इस मानसून सीजन में 30 जून से 12 सितंबर तक प्रदेश में आपदा की वजह से 298 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 521 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 178 की सड़क हादसों में माैत हुई। इसके अतिरिक्त इस अवधि के दाैरान 40 पक्के और 89 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 502 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। इसके अलावा 17 दुकानों व 470 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में इस मानसून में नुकसान का आंकड़ा 1,68,373.87 लाख रुपये पहुंच गया है।

12 से 17 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी, 63  सड़कें बंद
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 12 से 17 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। 18 सितंबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में शनिवार शाम तक 63 सड़कें बाधित रहीं। इसके अलावा 21 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हैं। सबसे अधिक सड़कें मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिले में प्रभावित हैं। 

इस मानसून में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश
इस मानसून सीजन में 12 सितंबर तक राज्य में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि के लिए 678.4 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया लेकिन वास्तव में 603.7 मिलीमीटर बारिश हुई। बिलासपुर, कुल्लू, शिमला व सिरमाैर जिले में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। जबकि चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नाैर, लाहाैल-स्पीति, मंडी, सोलन व ऊना जिले में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। 
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एनएच-पांच ब्राैनी नाला में भूस्खलन से चार घंटे यातायात रहा ठप
वहीं शिमला-शिपकी ला नेशनल हाईवे-5 पर ब्रौनी नाला के पा भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ से भारी-भरकम चट्टानें हाईवे पर आ गिरीं। इससे करीब चार घंटे तक हाईवे पर यातायात ठप रहा। भूस्खलन की यह घटना शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे हुई। गनीमत रही कि कोई वाहन चट्टानों या मलबे की चपेट में नहीं आया। देखते ही देखते हाईवे पर जाम लग गया। इन दिनों किन्नौर से सेब से लदे वाहन निचले क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं, जो जाम में फंस गए। इसके अलावा किन्नौर की ओर जा रही निगम की बसों सहित पर्यटकों के कई वाहन भी जाम में फंस गए। किसी तरह सूचना एनएचएआई के ज्यूरी डिवीजन के एसडीओ तक पहुंचाई गई। इसके बाद करीब चार मशीनें मौके पर भेजकर चट्टानों को हटाने का काम शुरू किया गया। मशीनों के माध्यम से सुबह करीब 7 बजे हाईवे की एक लेन से यातायात बहाल किया गया।
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