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Himachal News: हाथियों पर नजर रखने को राज्य सीमा के बहराल में वॉच टॉवर स्थापित, वन विभाग ने उठाए कई कदम

Sat, 19 Jul 2025 02:00 AM IST
अंकेश डोगरा सुरेश तोमर, संवाद न्यूज एजेंसी, पांवटा साहिब (सिरमौर)

सार

उत्तराखंड से आने वाले हाथियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने राज्य सीमा के बहराल में वॉच टॉवर तैयार कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर...
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उत्तराखंड राज्य सीमा पर बहराल में हाथियों पर नजर रखने को वाचिंग टॉवर स्थापित - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पिछले कुछ वर्षों से हिमाचल के उत्तराखंड तथा हरियाणा राज्य सीमा पर कर्नल शेरजंग नेशनल पार्क सिंबलवाड़ा में हाथियों का पसंदीदा स्थल बन चुका है। हरियाणा कलेसर नेशनल पार्क तथा प्रदेश के सिंबलवाड़ा नेशनल पार्क में एक दर्जन हाथियों का झुंड डेरा जमाए हुए है। उत्तराखंड से आने वाले हाथियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने राज्य सीमा के बहराल में वॉच टॉवर तैयार कर लिया है। प्रोजेक्ट एलिफेंट के तहत मानव-हाथी संघर्ष टालने को कई एहतियातन कदम उठाए हैं।

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गर्मियों में पानी कम होते ही पिछले कई वर्षों से उत्तराखंड के राजाजी पार्क से हाथियों का झुंड हिमाचल का रुख करता आ रहा है। मैदानी क्षेत्र में गन्ने की मिठास हाथियों को अपनी तरफ आकर्षित करती रही है। कुछ माह ठहरने के बाद वापस उत्तराखंड लौट जाते हैं। अब 2023 से करीब एक दर्जन हाथियों के झुंड ने नेशनल पार्क व आसपास वन क्षेत्र में डेरा जमाया है। पिछले तीन वर्षों के भीतर हाथी-मानव संघर्ष बढ़ गया है। कोलर से पांवटा तक एक महिला समेत दो लोगों को हाथियों के हमले से अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। हाथियों के भारी नुकसान के चलते बहराल, बातामंडी समेत आधा दर्जन गांव गन्ने की फसल उगाना ही छोड़ चुके हैं।

वन विभाग ने उत्तराखंड से हाथियों की आवाजाही पर नजर रखने को राज्य सीमा पर पांवटा साहिब के बहराल क्षेत्र में वॉच टावर स्थापित कर दिए हैं। वॉच टावर से गर्मियों के महीनों में जंगल की आग पर नजर रख सकेंगे। करीब 30 गज मित्रों की तैनाती कर दी है, जो वन कर्मियों के साथ हाथियों के कोरिडोर बन चुके उत्तराखंड सीमा के बहराल, बातामंडी से माजरा, गिरिनगर व नाहन के जंगलकोट तक तैनात रहेंगे। इनको सुरक्षा किट भी वितरित की है, जिसमें साउंड गन, एलईडी टार्च, जूते समेत शामिल हैं।

डीएफओ पांवटा साहिब ऐश्वर्य राज ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की सीमा पर बहराल में वॉच टॉवर स्थापित कर दिया गया है जिससे उत्तराखंड से आने वाले हाथियों की मूवमेंट पर नजर रखी जा सकेगी। मानव-हाथी संघर्ष कम करने को हर प्रोजेक्ट एलिफेंट के तहत कई कदम उठाए जा रहे हैं।

वन विभाग ने 11 एनाइडर सिस्टम स्थापित किए
प्रोजेक्ट एलिफेंट के तहत वन विभाग करीब 11 एनाइडर सिस्टम स्थापित कर चुका है। वन क्षेत्रों के साथ लगते गांवों के समीप सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले आधुनिक सेंसर तकनीक का इस्तेमाल किया है। इससे हाथियों के नजदीक आने पर सायरन बजता हैै। इससे वन विभाग के कर्मी व गज मित्र भी लोगों को सजग व हाथियों को दूर भगाने को अलर्ट करते हैं।
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सोलर फेंसिंग और मधुमक्खी पालन प्रोजेक्ट भी शुरू
प्रोजेक्ट हाथी के तहत वन विभाग भविष्य में बढ़ने वाले हाथी-मानव प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसमें राज्य सीमा बहराल से नेशनल पार्क सिंबलवाड़ा के साथ ही नाहन विभाग सभा तक हाथी कोरिडोर में जरूरी कदम उठाए जा रहे है। इसमें जंगल के साथ लगते गांवों में मधुमक्खी पालन तथा सोलर फेंसिंग कार्य भी किया जा रहा है ताकि हाथियोंं को रिहायशी क्षेत्रों में घुसने से रोका जा सेकं। इसमें शुरुआती दौर में कुछ सफलता भी मिली है।
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