यह अवसर उन विद्यार्थियों के लिए है, जिनकी डिग्री अधूरी रह गई है। विद्यार्थी लंबित सेमेस्टर की परीक्षाओं में शामिल होकर डिग्री पूरी कर सकेंगे। बीए, बीएससी, बीकॉम, शास्त्री, बीबीए और बीसीए के लिए शुल्क 10 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर होगा। बीटीए के विद्यार्थियों को 20 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर शुल्क देना होगा।विश्वविद्यालय के अनुसार विशेष परीक्षाएं अक्तूबर 2026 में संभावित हैं। विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
अलग-अलग सत्रों के लिए विश्वविद्यालय ने संबंधित ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध करवाए हैं। 2013-14 से 2016 तक के विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट से आवेदन कर सकेंगे। 2017-18 के बीए, बीएससी, बीकॉम और शास्त्री विद्यार्थी पोर्टल के माध्यम से आवेदन करेंगे। बीबीए, बीसीए और बीटीए के लिए भी ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की गई है। परीक्षा नियंत्रक श्याम लाल कौशल ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए 15 सितंबर की समय सीमा अहम है। इस तारीख के बाद आवेदन करने पर विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार विलंब शुल्क लगेगा। लंबे समय से डिग्री पूरी करने का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह विशेष अवसर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डिग्री पूरी करने का विशेष अवसर देने का फैसला विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने 28 मार्च की बैठक में लिया था। अब परीक्षा शाखा ने इसके तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों को भी इसकी जानकारी भेज दी है। - श्याम लाल कौशल, परीक्षा नियंत्रक