बीबीएन, परवाणू समेत अन्य जगहों में बिजली के अघोषित कटों से उद्योगों को करोड़ों रुपये का घाटा सहना पड़ रहा है। बरसात के बीच उद्योगों में लग रहे कटों से कारोबार प्रभावित हो रहा है। हालात ये है कि उद्योगों में मशीनें तक सही प्रकार से नहीं चल पा रही हैं। इस कारण उद्योग सप्लाई ऑर्डर पूरे नहीं कर पा रहे हैं। ज्यादातर उद्योगों में कट लगने के बाद वर्करों को भी परेशान होना पड़ रहा है। मजबूरी में उन्हें छुट्टी तक करनी पड़ती है। इससे उद्योगों को चलाने में दिक्कत आ रही है।
बोर्ड के अधिकारी बारिश में पेड़ गिरने और अन्य दिक्कतों को बताकर समस्या को अनसुना कर रहे हैं। करोड़ों रुपये का राजस्व देने के बाद कंपनियों को प्रदेश में बिजली कट की दिक्कत से दो-चार हो रहे हैं। अधिक नुकसान फार्मा उद्योगों को हो रहा है। बीते एक सप्ताह से परवाणू, बद्दी, नालागढ़, बरोटीवाला समेत अन्य जगहों पर उद्योग इस प्रकार की समस्या से जूझ रहे हैं। इस के बारे में बोर्ड को भी बताया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। इसका घाटा उद्योगों को होना शुरू हो गया है।
उद्योगों के मालिकों ने बताया कि अचानक बिजली कट लगा दिया जाता है। आधे घंटे बाद बिजली सुचारु होती है। इसके बाद मशीनों को जब चलाया जाता है और वे रनिंग होती है और उत्पादन करने के मुताबिक हिट हो जाती है तो फिर कट लग जाता है। इससे कार्य ठप हो जाता है। उधर बिजली बोर्ड के कार्यकारी अधीक्षण अभियंता इंजीनियर राहुल वर्मा कहना है कि बिजली कट लगने के कारण का पता लगाकर समाधान किया जाएगा। बीबीएन प्रदेश का बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। यहां पर फार्मा समेत अन्य दो से ढाई हजार उद्योग है। इसी तरह परवाणू में भी 150 से अधिक उद्योग कार्य कर रहे हैं जबकि धर्मपुर और सोलन क्षेत्र में भी उद्योग स्थापित है। यहां पर रोजाना कट लग रहे हैं। इससे उद्योगपतियों को दिक्कत हो रही है।