गौर रहे कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर वर्ष 2021 से टोल वसूली की जा रही है। इससे हाईवे पर सफर महंगा हो गया था। लोगों को टोल देने के बाद भी बेहतर फोरलेन व्यवस्था नहीं मिल रही थी। पहले चरण परवाणू से सोलन तक बने फोरलेन की हालत काफी खराब है। चक्कीमोड़ में दो वर्षों से सड़क ठीक नहीं हो पाई है। इसके अलावा जैसे ही बरसात में बारिश होती है वैसे ही पहाड़ियां दरकनी शुरू हो जाती है। इससे वाहन चालकों पर संकट मंडराता रहता है। बारिश में वाहन चालकों का सफर तक जोखिम भरा हो जाता है और डर के साये में लोग सफर करते हैं।
रोजाना सड़क से 12 से 15 हजार वाहनों की आवाजाही होती है और लाखों रुपये में टोल एकत्र होता है, लेकिन सड़क की हालत देखकर ऐसा लगता है कि मेंटेनेंस नहीं करवाई जा रही है। बीते दिनों हाईकोर्ट ने यह फैसला एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद टोल वसूली 30 अक्तूबर तक बंद करने का फैसला सुनाया। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सड़क की हालत सुधारने के लिए कहा।