हिमाचल प्रदेश समेत राजधानी में ईमेल के जरिये सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी के मामले के तार विदेशों से जुड़ रहे हैं। शिमला पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने जांच में उन इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) एड्रेस की पहचान कर ली है, जहां से धमकी भरे ईमेल भेजे थे।
पुलिस के मुताबिक यह आईपी एड्रेस विदेशों के हैं। जांच प्रभावित न हो इसको देखते हुए अभी उन देशों के नाम का खुलासा पुलिस नहीं कर रही है, जहां के यह आईपी एड्रेस हैं। आरोपियों के संबंध दूसरे देशों से होने पर आने वाले समय में मामले की जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों की मदद ली जा सकती है। प्रदेश सचिवालय और प्रदेश उच्च न्यायालय को कई बार ईमेल के जरिये बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। पुलिस ने सूचना मिलते ही परिसरों में गहन छानबीन का अभियान चलाया।
गनीमत रही कि हर बार इसमें कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं की गई। इन मामलों को लेकर पुलिस ने विभिन्न पुलिस थानों में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं। बार-बार आ रही इस तरह की धमकियों को लेकर प्रदेश और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट हैं। अब विशेषज्ञों की मदद से इन मामलों में प्रयोग की गई कुछ ईमेल के स्रोतों के बारे में पुलिस के हाथ अहम सबूत लगे हैं।
वीपीएन का इस्तेमाल भी करते हैं अपराधी
धमकी मेल के मामले में साइबर क्राइम के विशेषज्ञ भी जांच कर रहे हैं। इसमें पता चला है की कई मामलों में ईमेल भेजने के लिए वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का इस्तेमाल किया गया है। यह वीपीएन बाहरी देशों के हैं। हालांकि यह अभी जांच में पता चलेगा की ईमेल का स्त्रोत दूसरे देशों में ही है या वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल करके इसे भारत से ही भेजा है। अपराधी वीपीएन का इस्तेमाल पुलिस से बचने और अपनी पहचान छुपाने के लिए करते हैं। हिमाचल में हाल के महीनों में ही ऐसी 8 से 10 धमकियां मिली हैं।
सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी के मामलों की पुलिस गहनता से जांच कर रही है। छानबीन में कुछ आईपी एड्रेस की पहचान हुई है। इसको आधार बनाकर जांच की जा रही है। - संजीव कुमार गांधी, एसएसपी शिमला