जनजातीय जिला किन्नौर में भारी बर्फबारी के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जिले में करीब साठ सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है। भारी बर्फबारी के कारण शुक्रवार को जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों को बंद रखने के फरमान जारी किए।
बीते तीन दिनों से लगातार बरस रहे मौसम ने अब हजारों लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। जनजातीय जिला किन्नौर में भारी बर्फबारी के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जिले में करीब साठ सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है, जिस कारण जिले की सभी सड़क यातायात के लिए अवरुद्ध हो गई हैं। जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में अंधेरा पसरा हुआ है।
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वहीं एनएचएआई, सीमा सड़क संगठन और लोक निर्माण विभाग बाधित सड़कों के बहाल करने में जुटे हुए हैं। भारी बर्फबारी के कारण शुक्रवार को जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों को बंद रखने के फरमान जारी किए। गौर हो कि बीते बुधवार से जारी बर्फबारी और बारिश का दौर शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। किन्नौर जिले के अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में 45 से 60 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात दर्ज किया गया है।
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जिले के छितकुल, काफनू, कुन्नोचारंग में शुक्रवार को 60 सेंटीमीटर, कल्पा में 30 सेंटीमीटर और सांगला 45 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात दर्ज किया गया है। बर्फबारी के कारण समूचे जिले में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। बर्फबारी और बारिश के कारण नेशनल हाईवे पांच चौरा से लेकर सुमरा तक जगह जगह बाधित हो गया है। जिले के निगुलसरी, नाथपा, पांगीनाला, पूर्वणी झूला, टिंकू नाला सहित अन्य स्थानों में भूस्खलन और पहाड़ी से चट्टानें दरकने के कारण बाधित हो गया है।
बारिश और बर्फबारी के कारण बाधित एनएच को बहाल करने का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा। वहीं जिले के कल्पा और पूह खंड की 97 और भावानगर उपमंडल की 29 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हो गई हैं। सड़कें बाधित होने से जिले के हजारों लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं और उन्हें आवाजाही करने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। वहीं बर्फबारी के कारण जिले के कई स्थानों पर विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। ऐसे में जिले के अधिकांश इलाकों में अंधेरा पसरा हुआ है।
विद्युत बोर्ड के 433 डीटीआर बंद पड़े हैं और केवल जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में 29 डीटीआर ही चल रहे हैं। वहीं, एनएचएआई, सीमा सड़क संगठन और लोक निर्माण विभाग सड़क बहाली में जुटे हैं, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश से सड़क बहाली करना जोखिमों भरा बना हुआ है। एनएच सहित जिले की ग्रामीण सड़कों को बहाल करने के लिए कुल 24 मशीनों और करीब 400 मजूदर तैनात किए गए हैं।
उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में बर्फबारी के चलते शुक्रवार को स्कूल बंद रखे गए। यदि शनिवार को भी मौसम यूं ही बरसता रहा तो स्कूल बंद किए जाएंगे। उन्होंने जिले के लोगों और पर्यटकों से ऊंचाई वाले स्थानों में जाने से बचने की हिदायत दी है। उधर, एनएचएआई रामपुर के एक्सईएन केएल सुमन, सीमा सड़क संगठन पोवारी के ओसी प्रदीप सिंह, लोनिवि भावानगर के एक्सईएन आनंद कुमार शर्मा, एक्सईएन कल्पा डीके सेन ने बताया कि बाधित सड़कों को युद्धस्तर पर बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।