हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े प्रशासनिक जिला कांगड़ा को प्रदेश की सुक्खू सरकार ने रेरा के कार्यालय के रूप में एक और सौगात दी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शनिवार को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में भी रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने को मंजूरी मिल गई है। इससे पहले बीते माह प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के निदेशालय और हिमाचल प्रदेश वन्य प्राणी
विभाग को धर्मशाला शिफ्ट करने की प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी है। प्रदेश वन्य प्राणी विभाग को धर्मशाला शिफ्ट करने के बारे में सरकार की ओर से अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। इसे धर्मशाला स्थित केएफडब्ल्यू कार्यालय भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। अब तीन कार्यालयों के शिमला से धर्मशाला शिफ्ट होने से जहां निचले हिमाचल के कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। वहीं स्थानीय स्तर पर लोगों के कारोबार में भी वृद्धि होगी। क्योंकि कर्मचारियों और उनके परिवार ने राशन, कपड़ा समेत रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदनी होती हैं।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर कांगड़ा जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय और इसके आसपास खाली सरकारी भवनों की सूची प्रदेश सरकार को भेजी है। अब प्रदेश सरकार को निर्णय लेना है कि किस खाली भवन में रेरा के कार्यालय को शिफ्ट करना है। जो सूची भेजी गई है, उसमें अघंजर महादेव मंदिर के समीप एडीबी से निर्मित सराय भवन, कृषि विभाग का विश्रामगृह, नगर निगम कार्यालय धर्मशाला, स्मार्ट सिटी कार्यालय चीलगाड़ी, मैक्लोडगंज में पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्र भवन और तपोवन के जोरावर स्टेडियम के समीप स्किल डेवलेपमेंट सेंटर भवन शामिल हैं।