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Himachal: हाईवे किनारे निर्माण पर सख्ती की तैयारी, संवेदनशील इलाकों में नहीं बनेंगे मकान

Mon, 03 Aug 2026 08:32 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

प्रस्ताव के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों और फोरलेन के दोनों ओर 50 से 100 मीटर तक का क्षेत्र प्लानिंग एरिया घोषित किया जाएगा, जहां भवन निर्माण तय मानकों के अनुसार ही हो सकेगा। 
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नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य सरकार हिमाचल में अनियोजित निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए नई नीति लागू करने की तैयारी में है। प्रस्ताव के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों और फोरलेन के दोनों ओर 50 से 100 मीटर तक का क्षेत्र प्लानिंग एरिया घोषित किया जाएगा, जहां भवन निर्माण तय मानकों के अनुसार ही हो सकेगा। वहीं भूस्खलन, बाढ़, प्राकृतिक जल निकासी मार्ग और पुरानी डंपिंग साइट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को नो कंस्ट्रक्शन जोन बनाया जाएगा। सरकार ने शिमला के जाखू हिल्स और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों को विशेष संरक्षण देने का भी फैसला किया है।

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नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने सोमवार को सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दाैरान बताया कि सरकार की मंशा विकास रोकना नहीं, बल्कि लोगों की जानमाल की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है। सड़क से सटाकर होने वाले निर्माण पर रोक लगने से दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा। सीवरेज, पेयजल, बिजली व ड्रेनेज जैसी सुविधाओं का विकास आसान होगा। ग्राम पंचायतों को भी जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान में शामिल किया जाएगा। जिन निजी जमीनों को नो कंस्ट्रक्शन जोन में शामिल किया जाएगा, उनके लिए सरकार सर्कल रेट के आधार पर भूमि खरीदने का पारदर्शी विकल्प उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है।
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