इस सफर का किराया निगम ने 1,839 रुपये रखा है। अटल टनल बनने के बाद अब यह बस रोहतांग दर्रे से नहीं जाती, लेकिन फिर भी अपने सफर में यह दुनिया के सबसे ऊंचे और खतरनाक चार दर्रों बारालाचा ला (16,020 फीट), नाकी ला (15,547 फीट), लाचुंग ला (16,620 फीट) और तांगलांग ला (17,480 फीट) को पार करती है। अब बस सेवा बंद होने का सबसे ज्यादा असर पर्यटकों, स्थानीय लोगों और सेना में ड्यूटी पर जाने वाले जवानों पर पड़ेगा, जो इस सस्ती सेवा पर निर्भर थे। हालांकि, अभी लेह-लद्दाख मार्ग पर सभी प्रकार की गाड़ियों की आवाजाही सुचारू रूप से जारी है, लेकिन निगम की इस सस्ती बस सेवा का लाभ अब अगले साल गर्मियों में बर्फ हटने के बाद ही मिल पाएगा। इस संबंध में निगम के केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अंशित शर्मा ने बताया कि 15 सितंबर से लेह-दिल्ली रूट पर बस सेवा को बंद कर दिया गया है।