हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शाह नहर में खनन माफियाओं की ओर से किए जा रहे अवैध खनन पर पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह उपमंडल मजिस्ट्रेट फतेहपुर के अनुरोध पर आवश्यक कदम उठाएं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने क्षेत्र में कोई अवैध खनन की गतिविधि न हो, इस पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि शाह नहर पुल के आरडी नंबर 7315 और 7910 पर बने रास्ते का इस्तेमाल रेत और अल्प खनिजों के अवैध परिवहन के लिए भारी व्यावसायिक वाहनों की ओर से किया जा रहा है। यह सुविधा केवल किसानों के लिए है। पुल पर एक ऊंचाई अवरोधक गेट लगाया गया था, जिसे खनन माफिया के इशारे पर हटा दिया गया है। कोर्ट में पेश की गई तस्वीरों का हवाला देते हुए बताया गया कि पुल से पंजाब राज्य में आसान पहुंच के कारण अब एक गेट लगाया गया है। इस मार्ग का उपयोग टैक्स से बचने के लिए भी किया जाता है। मामले की अगली सुनवाई 30 दिसंबर को होगी। कोर्ट ने इन गंभीर आरोपों पर संज्ञान लेते हुए प्रतिवादियों के लिए इस पर आवश्यक निर्देश लेने के लिए समय दिया। इसको लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिस पर न्यायालय ने यह आदेश दिए हैं।