मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार 12वीं कक्षा के बाद सीधे चार वर्षीय एकीकृत बीएड कोर्स शुरू करने पर विचार कर रही है। विद्यार्थियों को बीएड करने के लिए कॉलेजों में ही यह सुविधा दी जाएगी। अब बारहवीं कक्षा पास करने के बाद विद्यार्थियों को बीएड करने के लिए ग्रेजुएशन करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। वीरवार को सेंट बीड्स कॉलेज शिमला के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कॉलेज प्रबंधन चाहेगा तो यहां भी चार वर्षीय बीएड कोर्स शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार कर रही है। युवाओं को कौशल युक्त बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक और डेटा स्टोरेज जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। प्रदेश में अब शिक्षा का स्वरूप बदल रहा है। विद्यार्थियों की इच्छा जिस विषय में होगी, उसे उस विषय की पढ़ाई के लिए ही प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सेंट बीड्स कॉलेज की मेधावी छात्राओं को पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए सरकार काम कर रही है। लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बना है।
नशे को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सीएम ने कहा कि नशा करने और तस्करी रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। युवाओं को खेलों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि के साथ-साथ डाइट मनी भी बढ़ाई गई है। बाहर खेलने जाने वाले खिलाड़ियों को 200 किलोमीटर की यात्रा के लिए थ्री टायर एसी रेल किराया और 200 किलोमीटर से अधिक यात्रा के लिए इकोनॉमिक क्लास हवाई किराया दिया जाता है। हर विस क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों में अत्याधुनिक व स्टेट ऑफ आर्ट मशीनरी स्थापित करने के लिए 1,800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।