हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला
- फोटो : संवाद न्यूज एंजेसी
हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के अंग्रेजी के प्रश्न पत्र में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। इस गड़बड़ी के कारण विद्यार्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को आयोजित अंग्रेजी की बोर्ड परीक्षा में प्रश्न पत्रों की श्रृंखला (सीरीज) में भारी गड़बड़ी देखने को मिली।
बिलासपुर के दधोल और सलोआ स्कूल में दिए ए सीरीज के प्रश्न पत्र में सीरीज बी के प्रश्नपत्र जुड़ हुए मिले। जबकि कन्या विद्यालय बिलासपुर में दिए ए सीरीज के प्रश्न पत्र में प्रश्न नंबर 11 के सिर्फ दो ही विकल्प दिए गए गए, जबकि इसमें चार विकल्प होने चाहिए थे। जबकि प्रश्न 12 प्रश्न पत्र में था ही नहीं। हालांकि यह गड़बड़ी कुछ ही विद्यार्थियेों को दिए प्रश्र पत्र में सामने आई। ऐसी गड़बड़ियों की शिकायत अन्य स्कूलों से भी सामने आ रही है। परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू हुई, लेकिन इस त्रुटि के कारण कई परीक्षार्थियों को एक घंटे की देरी से परीक्षा शुरू करनी पड़ी।
कुछ परीक्षा केंद्रों में इस गलती का पता 11:00 बजे के बाद चला, जिससे विद्यार्थियों को मानसिक तनाव झेलना पड़ा। कुछ स्कूलों में इस समस्या को हल करने के लिए प्रश्न पत्र की फोटोकॉपी करवाकर छात्रों को उपलब्ध कराए गए, जबकि अन्य केंद्रों में इस अव्यवस्था के कारण परीक्षा में देरी हुई। इस लापरवाही के कारण विद्यार्थियों को उनके निर्धारित समय से कम समय मिला, जिससे वे अपना उत्तर पत्र पूरा नहीं कर सके। विभाग के अधिकारियों की ओर से इस गड़बड़ी के बारे में बोर्ड को अवगत कराया गया है।
शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित दसवीं कक्षा के अंग्रेजी के प्रश्नपत्रों ने परीक्षार्थियों की चिंता बढ़ा दी। विशेष रूप से सीरीज ए के प्रश्नपत्र में कई गलतियां पाई गईं। पैराग्राफ कुछ और दिया गया था, जबकि उससे जुड़े प्रश्न कुछ और ही थे। इसके अलावा सेक्शन सी में भी कई त्रुटियां देखी गईं, जिससे छात्रों को प्रश्न समझने और हल करने में दिक्कतें पेश आईं। प्रश्नों की नंबरिंग में भी गड़बड़ी थी। प्रश्न संख्या 11 के बाद सीधे 15 और 16 का उल्लेख किया गया, जिससे विद्यार्थी भ्रमित हो गए।
स्कूल प्रबंधन ने उठाई आपत्ति
हिमालय मॉडल स्कूल आनी के प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड को तत्काल ईमेल भेजकर परीक्षा में हुई गलतियों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्र में हुई चूक से छात्रों के अंकों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। स्कूल प्रबंधन ने बोर्ड से मांग की है कि इस गलती को गंभीरता से लिया जाए और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इस परीक्षा में हुई गलतियों को लेकर अभिभावकों और छात्रों में भी नाराजगी देखी जा रही है। अब सभी की नजरें शिक्षा बोर्ड पर हैं कि वह इस मुद्दे को लेकर क्या कदम उठाता है।