हिमाचल अब उन अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिन्होंने सरकारी स्कूलों को राष्ट्रीय शैक्षणिक मानकों से जोड़ा है। हमीरपुर, सुन्नी, काजा (स्पीति), मढ़ी, भवारना, सरकाघाट, अर्की, धनेटा, सिहुंता, जंजैहली, करोट, बड़ा, तलाई, धर्मपुर, पोर्टमोर, पांवटा साहिब, कानम, हरोली और मंडी स्कूल को सीबीएसई से संबद्धता मिल गई है। यह उपलब्धि सरस 6.0 ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डिजिटल प्रक्रिया अपनाकर हासिल की गई। प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र से 100 स्कूलों में सीबीएसई का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाना है। 94 स्कूलों के संबद्धता से जुड़े सभी दस्तावेज सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड हो चुके हैं।
अमलैहड़, ममलीग, दाड़लाघाट, नौहराधार, नालागढ़, हटवार, सरस्वतीनगर, करसोग, भोरंज, अंब, रिकांगपिओ, सांगला, गलोड़, नादौन, बंजार, बिलासपुर, रामपुर, फतेहपुर, शाहपुर, चंबा, सतौन और दुलैहड़ स्कूल ने फर्स्ट लेवल स्क्रूटनी और पार्ट-बी सबमिशन के चरण पूरे कर लिए हैं। इस माह के अंत तक इन स्कूलों को भी सीबीएसई की संबद्धता मिल जाएगी। शिक्षा निदेशालय में स्थापित सीबीएसई नोडल सेल के समन्वय से कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली के निर्देशन में विद्यालयों को निरंतर मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। निदेशालय, जिला और स्कूल स्तर पर एक सशक्त मॉनिटरिंग एवं सपोर्ट मैकेनिज्म भी स्थापित किया जाएगा, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो।