इस, बीच कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर ने मामले की जांच कराने की पैरवी की है। बताया जा रहा है कि मामले का पता चलने पर कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी विरोध जताया है। उनका तर्क है कि विक्रय केंद्र का बोर्ड हटाने से पहले विभाग से पूछा ही नहीं गया।
बता दें कि हमीरपुर मुख्यालय में बीडीओ कार्यालय के समीप कामगार कल्याण बोर्ड का प्रदेश स्तरीय कार्यालय खोला जा रहा है। बताया जा रहा है कि वर्ष 1996 में पंचायत समिति हमीरपुर की ओर से बने भवन का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया था। इस भवन में पंचायत समिति ने किराये पर दो दुकानें कृषि विभाग को दी है।
शिलान्यास पटि्टका किसने हटाई इसकी जानकारी नहीं है। स्वर्गीय वीरभद्र सिंह कांग्रेस के सम्मानित नेता रहे हैं। आखिर किसने यहां पर पटि्टका को रखा है इसकी जांच की जानी चाहिए। यह पटि्टका कहां पर लगी थी इसकी भी जांच की जानी चाहिए। यह घटना राजनीति से प्रेरित है- नरदेव कंवर, अध्यक्ष, कामगार कल्याण बोर्ड
मामला ध्यान में आया है। मामले में छानबीन के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि यह पटि्टका कहां लगी थी और किसने इसे यहां पर रखा है- हिमांशी, खंड विकास अधिकारी, हमीरपुर
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने साधा निशाना
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने ट्वीट कर लिखा कि ''यह हिमाचल की परंपरा नहीं हैं छह बार के मुख्यमंत्री रहे स्व वीरभद्र सिंह जी की नाम पट्टिका उखाड़ने का मामला दुःखद और निंदनीय है। अगर मुख्यमंत्री सुक्खू इस दुःखद घटना का समर्थन नहीं करते हैं तो ऐसा करने वाले पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें।''