राजधानी शिमला में चिट्टे के एक मामले में जिला अदालत ने सिरमौर निवासी मनीष ठाकुर को दोषी करार देते हुए 4 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।
विशेष न्यायाधीश शिमला प्रवीन गर्ग ने मनीष ठाकुर (29) को एनडीपीएस के एक मामले में दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। जिला न्यायवादी मुक्ता कश्यप ने बताया कि 27 जून 2022 को पुलिस की एक टीम तारादेवी-शोघी क्षेत्र में गश्त पर थी। पुलिस ने तारादेवी-टुटू बाईफरकेशन पर एक निजी बस को जांच के लिए रोका।
मनीष ठाकुर की संदेह के आधार पर पुलिस ने तलाशी ली तो उसके कब्जे से 7.31 ग्राम चिट्टा बरामद किया। बालूगंज थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पुलिस सहित 14 गवाहों के बयान दर्ज किए।