ट्रेन करीब 3:48 बजे धर्मपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां पर 10 मिनट तक ट्रेन खड़ी होने के बाद कुमारहट्टी की ओर चली। इसी बीच सेफ्टी कैंप के समीप ट्रेन को रोका गया। जहां पर अधिकारियों ने ट्रेन के सेफ्टी मेजर जांचे। करीब 40 मिनट जांच के बाद ट्रेन गंतव्य की ओर रवाना हुई। वहीं, ट्रेन 5:30 बजे सोलन से शिमला की ओर निकली। बताया जा रहा है कि रेल सेक्शन के बीच कई जगह ट्रेन को रोक कर जांच होनी है। इसी जांच पर चीफ कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीसीआरएस) मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट भेजेंगे। यह ट्रायल 24 नवंबर तक चलेगा। सीसीआरएस की रिपोर्ट आने के बाद ही रेल मंत्रालय पैनारमिक विस्ताडोम कोच को चलाने का निर्णय लेगा।
गौर रहे कि विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर पैनोरमिक विस्ताडोम कोच चलाने की तैयारी की जा रही है। इसके चलने से लोग प्रदेश की हसीन वादियों को ओर करीब से निहार सकें। इस कोच को और आधुनिक तरीके से डिजाइन किया गया है। इन कोच के हर तरह के ट्रायल हो चुके है। लाल रंग से युक्त पैनोरमिक विस्ताडोम कोट टॉय ट्रेन की खूबसूरती को चार चांद लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इन कोच को पहली बार रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला ने तैयार किया है। खास बात यह है कि देश में ब्रॉडगेज ट्रैक पर चलने वाली बोगियों की तरह नैरोगेज रेल लाइन में पैनोरमिक विस्ताडोम कोच में एयर पावर ब्रेक सिस्टम होगा। जो दुर्घटनाओं को काफी कम कर देगा।
पैनोरमिक विस्ताडोम कोच का ट्रायल शिमला तक किया जा रहा है। उच्चाधिकारी ट्रायल में सभी प्रकार की व्यवस्थाओं की जांच कर रहे हैं। उच्चाधिकारियों की रिपोर्ट के बाद इस ट्रेन की सुविधा लोगों को दी जाएगी- नवीन कुमार, वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक, रेल मंडल अंबाला।